शेर सिंह उर्फ अनिल मीणा ने ही पेपर लीक कर भूपेन्द्र सारण को 1 करोड़ रूपए में बेचा था
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। सैकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले (rajasthan teacher bharti paper leak case) में राजस्थान की एसओजी टीम मुख्य आरोपी सरकारी स्कूल के वाइस प्रिंसीपल शेर सिंह मीणा उर्फ अनिल मीणा तक पहुंच गयी है। एसओजी टीम ने शेर सिंह को उड़ीसा से गिरफ्तार किया है। शेर सिंह पेपर लीक गिरोह वही सरगना है, जिसने पेपर लीक किया था और 1 करोड़ रूपए में भूपेन्द्र सारण को बेचा था। शेर सिंह की गिरफ्तारी से मामले में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
राजस्थान पुलिस ने जयपुर के चौंमू निवासी शेर सिंह उर्फ अनिल मीणा पर 1 लाख रूपए का ईनाम घोषित किया हुआ था। एसओजी टीम उसकी लगातार तलाश कर रही थी। टीम को शेर सिंह के उड़ीसा में छुपे होने का सुराग मिला। इस पर पुलिस ने वहां दबिश दी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उस तक पहुंच गयी। मामले में अभी सुरेश ढाका की गिरफ्तारी शेष है। वह अभी फरार चल रहा है, राजस्थान पुलिस ने सुरेश ढाका पर भी 1 लाख रूपए का ईनाम घोषित किया हुआ है।

चार दिन पहले ही शेर सिंह की महिला मित्र हुई थी गिरफ्तार
पुलिस ने 2 अप्रेल को शेर सिंह की महिला मित्र अनीता को गिरफ्तार किया था। अनीता बैंक अधिकारी है और शेर सिंह की काली कमाई का सारा हिसाब-किताब रखती थी। अनीता की गिरफ्तारी के बाद से ही एसओजी का शेर सिंह पर शिकंजा कस गया था और चार दिन बाद एसओजी टीम ने उसे उड़ीसा से गिरफ्तार कर लिया।

यह मुख्य आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
मामले में 24 दिसंबर को उदयपुर पुलिस ने नकल गिरोह के जरिए उदयपुर में परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों से भरी बस पकड़ी थी। ये सभी बस में बैठकर पेपर सॉल्व कर रहे थे, यह पेपर इन अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही बस में उपलब्ध करवा दिया गया था। इस खुलासे के बाद परीक्षा रद्द कर दी गयी थी। 24 दिसंबर को पुलिस ने पेपर लीक गिरोह की निचली कड़ी सुरेश विश्नोई, भूपेन्द्र सहित 45 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था।
सुरेश विश्नोई से पूछताछ में पता चला था कि उसे यह पेपर उसके साले सुरेश ढाका ने भेजा था। पड़ताल में पता चला कि सुरेश ढाका को पेपर भूपेन्द्र सारण ने भेजा था। भूपेन्द्र सारण की गिरफ्तारी से पहले पुलिस को यही लग रहा था कि भूपेन्द्र सारण और सुरेश ढाका ही गिरोह के सरगना है।
23 फरवरी को एसओजी टीम ने भूपेन्द्र सारण को बंगलुरू एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में भूपेन्द्र सारण ने शेर सिंह उर्फ अनिल मीणा के नाम का खुलासा किया था और बताया था कि उसने पेपर शेर सिंह से 1 करोड़ रूपए में खरीदा था। तब पुलिस को पता चला था कि पेपर लीक करने वाले गिरोह की चेन अभी और लंबी है। शेर सिंह आबू रोड स्थित सरकारी स्कूल में वाइस प्रिंसीपल था।
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