नई दिल्ली (एआर लाइव न्यूज)। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने गुरुवार को बैठक में वर्तमान और विकसित व्यापक आर्थिक स्थिति के आकलन के आधार पर निर्णय लिया कि रेपो दर (Repo Rate) में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह घोषणा की।
चलनिधि समायोजन सुविधा (liquidity adjustment facility) (LAF) के तहत पॉलिसी रेपो दर को 6.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया है। स्थायी जमा सुविधा (standing deposit facility) (SDF) दर 6.25 प्रतिशत और सीमांत स्थायी सुविधा (marginal standing facility) (MSF) दर और बैंक दर (bank rate) 6.75 प्रतिशत पर बनी हुई है।
मुद्रास्फीति के 4 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करने का उद्देश्य
गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि एमपीसी ने विकास का समर्थन करते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कि समायोजन की वापसी पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया। ये निर्णय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति के 4 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य के अनुरूप हैं।
2023-24 के लिए मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत अनुमानित
सीपीआई (CPI) मुद्रास्फीति दिसंबर 2022 में 5.7 प्रतिशत से बढ़कर फरवरी 2023 में 6.4 प्रतिशत हो गई। 2023-24 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत अनुमानित है। पहली तिमाही में 5.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत अनुमानित है।
2023-24 के लिए GDP की वृद्धि 6.5 प्रतिशत अनुमानित
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि आर्थिक विकास दर, 2022-23 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7.0 प्रतिशत थी। 2023-24 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि 6.5 प्रतिशत अनुमानित है। 2023-24 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत के साथ, दूसरी तिमाही 6.2 प्रतिशत पर, तीसरी तिमाही 6.1 प्रतिशत पर; और चौथी तिमाही 5.9 प्रतिशत पर अनुमानित है।


