नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अडानी समूह पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट मामले (hindenburg adani row) की जांच को केन्द्र सरकार द्वारा गठित की गयी कमेटी सदस्यों के नाम सीलबंद लिफाफे में लेने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा वे इस पूरे केस की जांच में पारदर्शिता चाहते हैं। जांच कमेटी सदस्यों के नाम सीलबंद लिफाफे में दिए गए तो ये नाम दूसरे पक्ष को नहीं मिलेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा हम अपनी तरफ से कमेटी बनाएंगे।
इस मामले में अभी तक एडवोकेट एमएल शर्मा, विशाल तिवारी, कांग्रेस नेता जया ठाकुर और समाज सेवी मुकेश कुमार ने कुल चार जनहित याचिकाएं दायर की हैं। इस मामले की पहली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 10 फरवरी और दूसरी सुनवाई 13 फरवरी को को हुई थी, पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केन्द्र सरकार मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने के लिए तैयार हो गयी थी। आज 17 फरवरी को हुई सुनवाई में केन्द्र सरकार ने जांच कमेटी सदस्यों के नाम बंद लिफाफे में दिए, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने नामंजूर कर दिया।

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