डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया : डॉक्टर्स ने ट्रेंकुलाइज कर किया रेस्क्यू
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। प्रदेश में वन रक्षकों से लेकर रेंजर तक के सभी वनकर्मी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं, गुरूवार को वनकर्मी कार्य बहिष्कार के साथ ही सज्जनगढ़ अभयारण्य और बायोलॉजिकल पार्क बंद कर बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे थे, इसी बीच दोपहर में बायोलॉजिकल पार्क (sajjangarh biological park) के रेस्क्यू सेंटर से एक पैंथर पिंजरे की सरिया को तोड़कर भाग निकला।
वन विभाग के अधिकारियों को जैसे ही इसकी सूचना मिली, उनके हाथ-पांव फूल गए, क्यों कि वनकर्मी तो धरने पर बैठे थे। इस समय बायोलॉजिकल पार्क के डॉक्टर हंस कुमार जैन और डॉक्टर करमेन्द्र प्रताप सिंह ने कमान संभाली। पैंथर रेस्क्यू सेंटर में पिंजरे से भागकर पास की झाड़ियों में छिप गया था। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद डॉ. करमेन्द्र प्रताप सिंह ने पैंथर को ट्रेंकुलाइज किया। दोनों डॉक्टर्स ने स्टाफ की मदद से पैंथर को रेस्क्यू कर दोबारा पिंजरे में रखा।
जिस वक्त पैंथर भागा, धरने के कारण बायोलॉजिकल पार्क बंद था, ऐसे में कोई विजिटर भी अंदर नहीं था, अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी। जानकारी के अनुसार ऐसा पहली बार ही हुआ है, जब बायोलॉजिकल पार्क के रेस्क्यू सेंटर में लाया गया कोई पैंथर इस तरह पिंजरे का एंगल तोड़कर भाग गया हो।

रात को ही पिंजरे का एक एंगल पैंथर ने तोड़ दिया था
जानकारी के अनुसार पिछले दिनों इस पैंथर को रेस्क्यू कर सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के रेस्क्यू सेंटर में रखा गया था। पैंथर रेस्क्यू सेंटर में उसके एनक्लोजर में था। रात को उसने एनक्लोजर के पिंजरे में लगे तीन एंगल में से बीच का एक एंगल तोड़ दिया था, आज दिन में पैंथर दो एंगल के बीच बने गैप से बाहर निकल कर जंगल-झाड़ियों में जाकर छुप गया।
जानकारों के अनुसार पिछले चार दिनों से वनकर्मी हड़ताल पर है और उन्होंने कार्य बहिष्कार भी किया हुआ है। ऐसे में बायोलॉजिकल पार्क में प्रोपर मॉनीटरिंग भी नहीं हो पा रही है। संभावना जताई जा रही है कि शायद इसलिए ही पैंथर द्वारा पिंजरे का एक एंगल तोड़ देना किसी को पता नहीं चला।



