- सिल्वर और जिंक लेड की विश्व की सबसे बड़ी खदाने राजस्थान में हैं : भारद्वाज
- सिलिकोसिस उन्मूलन के लिए मिशन मोड़ पर चले अभियान
- अकार्यशील खदानों के पुनः संचालन की बनेगी कार्ययोजना, नियमानुसार कार्यवाही कर होगी नीलामी
- सिल्वर और जिंक लेड की सबसे बड़ी खदाने राजस्थान में
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान में माइनिंग क्षेत्र की गतिविधियों को लेकर सोमवार को केन्द्रीय खान सचिव विवेक भारद्वाज ने जयपुर स्थित सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल के साथ माइंस, जीएसआई, एमईसील और आईबीएम आदि के साथ समीक्षा बैठक ली।
केन्द्रीय खान सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा है कि सिल्वर और जिंक लेड की विश्व की सबसे बड़ी खदाने राजस्थान में है। उन्होंने राजस्थान में मेजर और माइनर मिनरल माइंस के एक्सप्लोरेशन ऑक्शन और माइनिंग क्षेत्र में हो रहे कार्यों की सराहना की और नए-नए माइनिंग ब्लॉक्स तैयार कर और अधिक नीलामी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि माइनर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी से रोजगार, आय और सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होती है।
उन्होंने बताया कि दुनिया में भारत अकेला देश है, जहां माइनिंग खानों का आवंटन नीलामी से किया जाता है। उन्होंने कहा राजस्थान में सिलिकोसिस उन्मूलन के लिए मिशन मोड़ पर अभियान चलाया जाए ताकि प्रदेश में टीबी जैसी अन्य बीमारियों की तरह इसे भी जड़मूल से समाप्त किया जा सके। भारद्वाज ने पुरातात्विक स्थानों की तरह राजस्थान के जियो हेरिटेज साइट्स के संरक्षण की आवश्यकता जताई, उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने देश की जियो हेरिटेज संरक्षण के लिए कानून का मसौदा तैयार कर पब्लिक डोमेन पर प्रदर्शित कर दिया है।

जैसलमेर देश का सबसे बड़ा सीमेंट हब बनेगा
एसीएस माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य में कार्य नहीं कर रही 107 माइंस में से 33 माइंस पुनः आरंभ करवाया गया है, वहीं 26 माइंस की लीज रद्द कर पुनः ऑक्शन की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मेजर मिनरल लाइमस्टोन, आयरन ओर, मैगनीज ओर आदि की बहुत कम समय में 22 माइंस की सफलता पूर्वक नीलामी की गई है। प्रदेश में 192 प्रतिशत से भी अधिक प्रीमियम पर माइंस की नीलामी का सर्वाधिक प्रीमियम पर ऑक्शन का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया गया है।

एसीएस अग्रवाल ने गारनेट, लाइमस्टोन, पोटाश आदि के ब्लॉक ऑक्शन के लिए आवश्यक अनुमतियां जारी कराने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से रेगिस्तानी जिला जैसलमेर निकट भविष्य में देश का सबसे बड़ा सीमेंट हब बनने जा रहा है। बैठक में अतिरिक्त सचिव माइंस भारत सरकार डॉ. वीणा के धरमल और निदेशक माइंस संदेश नायक ने भी माइंस संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी दी।
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बैठक में उप सचिव माइंस भारत सरकार धीरज कुमार, डीएस माइंस नीतू बारुपाल, जीएसआई डॉ एसके कुलश्रेष्ठ, आरजे सिंह, विवेक शर्मा, एमईसीएल से कुलकर्णी, आईबीएम से जीके जांगिड़, अतिरिक्त निदेशक हर्ष सावनसुखा, बीएस सोढ़ा, महावीर मीणा, जय गुरुबख्सानी, एडीजी आलोक जैन, अनिल वर्मा, एसजी संजय दुबे, डीएलआर गजेन्द्र सिंह, एसओ माइंस भारत सरकार अवधेश कुमार सहित विभाग व संबंधित संस्थाओं के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।


