- एसीबी परिवादी शंभू सिंह ने इसी महीने 14 दिसंबर को चारभुजा थाने के हेडकांस्टेबल को भी करवाया था ट्रेप
- अंबामाता थाने में दर्ज अवैध वसूली के लिए डराने-धमकाने के मामले में आरोपियों से संबंधित है शंभू सिंह
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। अंबामाता थाने की महिला एएसआई कलावती डामोर द्वारा थाने में दर्ज मामले में आरोपी नहीं बनाए जाने की एवज में शंभू सिंह से 70 हजार रूपए रिश्वत मांगे जाने का मामला सामने आया है। महिला एएसआई यह राशि थानाधिकारी के नाम से मांग रही थी। हालां कि एसीबी एएसआई कलावती को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ती, इससे पहले ट्रेप कार्यवाही की भनक लग गयी और वह छुट्टी लेकर चली गयी।
एसीबी डीएसपी दिनेश सुखवाल ने बताया कि महिला एएसआई कलावती डमोर के एसीबी सत्यापन के दौरान 70 हजार रूपए रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई थी, ऐसे में उसके खिलाफ एसीबी में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है।

राजसमंद में हेडकांस्टेबल के ट्रेप की जानकारी कलावती को मिल गयी
एसीबी ने बताया कि जालोर निवासी शंभू सिंह पुत्र जब्बर सिंह बालोत से संबंधित राजसमंद के चारभुजा थाने में भी एक अन्य मामला दर्ज था। इस मामले में भी आरोपी नहीं बनाए जाने की एवज में चारभुजा थाने के हेडकांस्टेबल डाउराम ने शंभू सिंह से रिश्वत मांगी थी। तब भी शंभू सिंह ने एसीबी में शिकायत की थी और इसी माह 14 दिसंबर को एसीबी ने चारभुजा हेडकांस्टेबल डाउराम को शंभु सिंह ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
अंबामाता थाने में 3 अक्टूबर को लोकेश सुथार नाम के व्यक्ति ने अवैध वसूली एक्सटॉर्शन के लिए डराने-धमकाने की एफआईआर दर्ज करवाई थी। लोकेश सुथार ने एफआईआर में स्पष्ट किया था कि जिस गिरोह की दो महिलाओं सहित तीन लोगों ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाकर अवैध वसूली के लिए धमकाया है, शंभू सिंह उस गिरोह का सरगना है। मामले में शंभू सिंह पर गंभीर आरोप हैं।
ऐसे गंभीर प्रकृति के मामले में आरोपी नहीं बनाए जाने की एवज में अंबामाता थाने की एएसआई कलावती डामोर ने शंभू सिंह से स्वयं व थानाधिकारी के नाम से 1 लाख रूपए रिश्वत की मांग की थी। शंभू सिंह ने एसीबी में शिकायत की। उदयपुर एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया तो कलावती के रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई और वह 70 हजार रूपए रिश्वत लेकर शंभू सिंह को आरोपी नहीं बनाने के लिए तैयार हो गयी।
एसीबी कलावती को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार करती, इससे पहले एएसआई कलावती को यह पता चल गया कि शंभू सिंह ने इसी 14 दिसंबर को चारभुजा थाने के हेडकांस्टेबल को भी ट्रेप करवाया था। एएसआई कलावती को शंभू सिंह पर संदेह हुआ। कलावती ने उसका मोबाइल फोन बंद कर दिया और थाने से छुट्टी लेकर चली गयी। इस तरह एसीबी का ट्रेप फेल हो गया।

एसीबी ट्रेप से क्या थानों में शंभू सिंह के खिलाफ चल रही जांचें होंगी प्रभावित.?
अंबामाता थाने में दर्ज एफआईआर में जालोर निवासी शंभू सिंह बालोत के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। ऐसे ही गंभीर आरोप चारभुजा थाने में दर्ज मामले में थे। अंबामाता थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार दो महिलाएं एक आदमी के साथ मिलकर लोकेश सुथार से परिचय करती हैं, एक-दो बार साथ मिलकर भरोसे में लेती हैं और एक दिन लोकेश को आवश्यक कार्य का हवाला देकर घर बुलाती हैं। लोकेश उन महिलाओं से मिलने पहुंचता है तो उसे कमरे मे बंद कर उस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाकर अवैध वसूली के लिए धमकाती हैं। एफआईआर में लोकेश इस अवैध वसूली के गिरोह का सरगना शंभू सिंह को बताता है।
सवाल उठ रहा है कि क्या शंभू सिंह के खिलाफ थानों में जो जांचे चल रही है, वे एसीबी की इन कार्यवाहियों से प्रभावित होंगी.?
इस मामले में एसीबी सहित जिला पुलिस की जिम्मेदारी भी बढ़ गयी है, क्यों कि एसीबी और जिला पुलिस को इस बात का ध्यान रखना होगा कि हर मामले में निष्पक्ष जांच हो और पीड़ित को न्याय मिले।



