पटना,(एआर लाइव न्यूज)। बिहार के छपरा में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 39 हो गयी है, वहीं 30 मरीजों के इलाज हॉस्पिटल में चल रहा है, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। पुलिस ने बताया कि थानेदार रितेश मिश्रा सहित दो लोगों को मामले में निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, मामले में अब तक 86 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
घटनाक्रम के बाद से प्रदेश में राजनीति गरमाई हुई है। विधानसभा में विपक्षी भाजपा ने जमकर हंगामा कर नारेबाजी की। वहीं महागठबंधन सरकार की समर्थक भाकपा माले ने लिबरेशन ने सदन कार्यवाही शुरू होने से पहले सदन के बाहर प्रदर्शन किया, मामले की जांच सहित पीड़ितों का मुआवजा राशि देने की मांग की है।

नीतीश कुमार ने पूरे मामले में आज प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा सरकार में नहीं है, इसलिए विरोध कर रही हे। देश भर में जहरीली शराब से मौतें होती हैं। बिहार में शराबबंदी से पहले भी जहरीली शराब पीने से मौतें हुई हैं। जब राज्य में शराब बंदी है तो जो शराब मिलेगी वह खराब ही होगी। जो शराब पियेगा वो मरेगा।
बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जयसवाल ने कहा कि जब तक बड़े पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शराबबंदी को लागू नहीं किया जा सकता है। इसमें नीतीश कुमार का निहित स्वार्थ है। पहले भी शराब की वजह से लोगों की मौत हुई है। बचाव के लिए केवल छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई होती है।



