प्रदेश भर में 1342 में से 674 पद है लंबे समय से रिक्त
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। बढ़ती आबादी के साथ ही पानी की खपत भी बढ़ती जा रही हैं, ऐसे में भूजल की स्थिति क्या हैं और समय के साथ भूजल स्तर में क्या बदलाव हो रहा हैं। इसकी तकनीकी रूप से गणना करने वाले भूजल विभाग का महत्व भी बढ़ता जा रहा हैं, लेकिन इसी भूजल विभाग में महत्वपूर्ण माने जाने वाले कई पद लंबे समय से रिक्त हैं।
विभागीय जानकारी अनुसार प्रदेश में भूजल विभाग में सहायक अभियंता यांत्रिक, सहायक अभियंत सिविल,कनिष्ठ भूजल वैज्ञानिक,कनिष्ठ भू भौतिक विद्,कनिष्ठ रसायनज्ञ,तकनीकी सहायक भूजल विज्ञान, तकनीकी सहायक रसायन, तकनीकी सहायक भू भौतिकी, रासायनिक सहायक और प्रयोगशाला जैसे पद बड़ी संख्या में लंबे समय से रिक्त हैं।
भूजल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार विभाग में संभागवार एवं कार्यालयवार विभिन्न संवर्गो के कुल 1342 पद स्वीकृत हैं उसके मुकाबले 668 पद ही भरे हुए है जबकि 674 पद रिक्त हैं। खास बात यह हैं कि इतनी बड़ी संख्या में लंबे समय से पद रिक्त चल रहे हैं उनमें भूजल वैज्ञानिक के पद भी शामिल हैं। ऐसे में प्रदेश में भूजल स्तर की गणना या फिर रियल टाइम वाटर लेवल डाटा एकत्र करने का काम व्यवहारिक दृष्टि से कितना समय पर और वास्तविक रूप में हो पा रहा होगा यह भी एक बड़ा सवाल हैं।

मानसून पूर्व एवं मानसून बाद भूजल स्तर की गणना की जिम्मेदारी भी भूजल विभाग के पास
बात मानसून पूर्व एवं मानसून के बाद भूजल स्तर की गणना कर ब्लॉक स्तर पर भूजल गणना कर समग्र रिपोर्ट बनाने की जिम्मेदारी भी भूजल विभाग के पास हैं। इसके अलावा मौजूदा वक्त में रियल टाइम वाटर लेवल डाटा प्राप्त कर उसका विश्लेषण करने का काम भी भूजल वैज्ञानिक करते हैं। भूजल, पेयजल या बड़े बांध के निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट की रिपोर्ट तैयार करने में भी भूजल विभाग की रिपोर्ट अहमियत रखती हैं।

प्रदेश मेें संभागवार स्वीकृत पद के मुकाबले रिक्त पदों की स्थिति
- संभाग: स्वीकृत पद: कार्यरत पद: रिक्त पद
- उदयपुर संभाग: 170: 82: 88
- जोधपुर संभाग: 268: 143: 125
- भरतपुर संभाग: 581: 301: 280
- अजमेर संभाग: 86: 41: 45
- कोटा संभाग: 65: 28: 37
- बीकानेर संभाग: 148: 63: 85


