बैंक कर्मचारी की हुई गिरफ्तारी
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। आमजन में विश्वास होता है कि धनराशि बैंक के खाते में जमा है, तो सुरक्षित है, लेकिन उदयपुर के कोटड़ा स्थित राजस्थान मरूधरा ग्रामीण बैंक का एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां बैक कर्मचारी ही दलालों के साथ मिलीभगत कर खाता धारकों की धनराशि निकाल रहे थे। इस धोखाधड़ी का खुलासा भी बैंक की विभागीय जांच में हुआ है।
एसपी विकास शर्मा ने बताया कि मामले में आरोपी बैंक कर्मचारी दौसा निवासी राजेश पुत्र पुरणमल को गिरफ्तार किया है। कोर्ट में पेश कर राजेश को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामला दो साल पुराना है। आरोपी मामले में फरार चल रहा था।

दो साल पहले बैंक की विभागीय जांच में हुआ था खुलासा
पुलिस ने बताया कि 21 जुलाई 2020 को राजस्थान मरूधरा ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक कमल सक्सेना ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसमें बताया था कि कोटड़ा में राजस्थान मरूधरा ग्रामीण बैंक की शाखा है। विगत कुछ माह में कुछ अनियमिता और गलत तरीके से ग्राहकों के बचत खातों से धनराशि निकाले जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। जिस पर बैंक द्वारा विभागीय जांच की गयी। जांच में राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक शाखा कोटडा में ग्राहको के बचत खातों में धन निकासी की काफी गडबडी मिली।
गड़बड़ियों की जांच करने पर पता चला कि ग्राहकों के बचत खातो में धन निकासी में अनियमितता की गई और ग्राहकों के हस्ताक्षर व अंगूठा निशानी गलत होने के बावजूद फर्जी व्यक्तियां ने मिली भगत कर ग्राहकों के खातों से धनराशि निकाली। कुछ ग्राहको के बचत खातो के साथ किसी अन्य व्यक्ति का आधार कार्ड फर्जी तरीके से लिंक कर भी धनराशि बैंक से ली गयी।
पुलिस ने बताया कि इस गड़बड़ी में बैंक कार्यालय सहायक रामलाल मीणा, राजेश कुमार मीणा और बीसी राजा राम की मिलीभगत पायी गयी, जो दलालों के साथ मिलकर खाताधारकों के खातों से धनराशि निकाल रहे थे। इनके इस कृत्य से न सिर्फ बैंक को नुकसान हुआ, बल्कि बैंक की छवि भी धूमिल हुई थी।


