गैंगवार.. बदमाश की नहीं, बल्कि बदमाशों में पुलिस के खौफ की हत्या है..!
लॉरेंस विश्नोई गैंग के गैंगस्टर रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ली हत्या की जिम्मेदारी
- कोचिंग ड्रेस में आए बदमाशों ने राजू ठेहट को डोर बेल बजाकर घर के बाहर बुलाया
- वीडियो बना रहे राहगीर को भी मारी गोली, मौत
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज) राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर राजू ठेहट की आज शनिवार सुबह सीकर में उसके घर के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गयी। बदमाश कोचिंग स्टूडेंट की ड्रेस पहनकर राजू ठेहट के घर के बाहर पहुंचे। घंटी बजाकर उसे बुलाया। राजू ठेहट जैसे ही घर के दरवाजे पर आया बदमाशों ने उस लगातार फायर किए। इससे राजू ठेहट की वहीं मौके पर मौत हो गयी।
पुलिस ने बताया कि राजू ठेहट पर बदमाश फायरिंग कर रहे थे, उस समय एक व्यक्ति घटनाक्रम का वीडियो बनाने लगा। इस पर बदमाशों ने उस व्यक्ति को भी गोली मार दी, इससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गयी।
राजू ठेहट की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस विश्नोई गैंग के गैंगस्टर रोहित गोदारा कापुरीसर ने ली है। इस हत्या को आनंद पाल और बलबीर की हत्या का बदला बताया है। पुलिस ने जिले सहित पूरे प्रदेश में कड़ी नाकांबदी कर दी है और बदमाश की तलाश कर रही है।

दोनों गैंग में दो दशक से चल रही वर्चस्व की लड़ाई
राजस्थान में गैंगस्टर्स आनंदपाल सिंह और राजू ठेहट में करीब दो दशक से वर्चस्व की लड़ाई चली थी। आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद राजू ठेहट का वर्चस्व हो गया। राजू ठेहट जेल में रहकर भी सक्रिय था, ऐसे कई मामले सामने आए जब राजू ठेहट ने जेल में रहते हुए भी व्यापारी को फिरौती के लिए धमकाया हो।

गैंगवार.. बदमाश की नहीं, बल्कि बदमाशों में पुलिस के खौफ की हत्या है..!
राजस्थान में गैंगवार जिस रूप में दिखाई दे रही है, जिस तरह से बदमाश दूसरे बदमाश को मारकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं, क्या इन सब के बीच जनता सुरक्षित दिखाई दे रही है..? राजस्थान में हो रही गैंगवार से प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इन गैंगस्टर का काम विवादित जमीनों के जबरन कब्जे करवाना, फिरौतियां मांगना है। ये बदमाश जिस तरह से खुलेआम वारदातें कर रहे हैं, तो प्रदेश के पूरे सिस्टम से सवाल है कि ऐसे माहौल में क्या जनता सुरक्षित है..? या अब जनता को सुरक्षा के लिए पुलिस के बजाए इन बदमाशों के पास जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा..?
कई पुलिस अधिकारी दबे मुंह से इस थ्योरी का बखान करते हैं कि गैंगवार में बदमाश ही बदमाश को मारते हैं और सरकारी बुलेट्स को जाया किए बगैर ही समाज में सफाई होती है। लेकिन पुलिस इस बात का जवाब नहीं दे पाती कि इस तरह की घटनाओं का समाज और जनता के दिल-दिमाग पर क्या असर पड़ता है। जब यही बदमाश किसी व्यापारी से अवैध वसूली करेंगे, तब वह व्यापारी मजबूरन डर में इन बदमाशों को उसकी मांगी हुई राशि देगा और ये बदमाश उस समय किसी बदमाश नहीं, बल्कि पुलिस सिस्टम की हत्या कर रहे होंगे..! गैंगवार.. बदमाश की नहीं, बल्कि बदमाशों में पुलिस के खौफ की हत्या है..!


