दिल्ली (एआर लाइव न्यूज)। निर्देशक अनुपम पटनायक की उड़िया फिल्म ‘प्रतीक्षा’ 53वें इफ्फी -2022 में में प्रदर्शित होने के बाद अनुपम खेर ने इस फिल्म के हिंदी रीमेक की घोषणा कर दी। अनुपम खेर ने अनुपम पटनायक और फिल्म के अभिनेता दीपनविट के साथ मंच साझा करते हुए अनायास घोषणा की कि वह प्रतीक्षा को हिंदी में बनाएंगे, जहां वह पिता की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने पटनायक को फिल्म के अधिकारों के लिए एक टोकन साइनिंग अमाउंट भी दिया।
अनुपम पटनायक की निर्देशक के रूप में पहली फिल्म इफ्फी में
निर्देशक अनुपम पटनायक ने कहा कि उनके पिता की पहली फिल्म ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था। और निर्देशक के रूप में उनकी पहली फिल्म इफ्फी में दिखाई जा रही है। यह उनके लिए एक खास क्षण था और दिवंगत पिता को सम्मान देने का एक तरीका था। उन्होंने कहा कि 1999 के चक्रवात से पहले, ओडिशा में 160 सिनेमाघर थे, चक्रवात के बाद ये 100 रह गए, और कोविड के बाद अब केवल 60 बचे है, कैसे एक उद्योग केवल 60 थियेटर्स पर काम करे।
अभिनेता दीपनविट दशमोपात्रा ने फिल्म में संजय की भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मुख्य अभिनेता के रूप में यह मेरी पहली फिल्म है। इफ्फी में उनकी फिल्म प्रदर्शित होना मेरे लिए एक बड़ा क्षण है।
पिता-पुत्र के रिश्ते के समीकरणों को दिखाती है यह फिल्म
लेखक गौरहरि दास की एक छोटी कहानी से प्रेरित ये फिल्म एक मध्यवर्गीय परिवार के लड़के संजय की कहानी है, जो अपने पिता के सेवानिवृत्त होने से कुछ महीने पहले सरकारी नौकरी की तलाश में है। उसके पिता बिपिन जोर डालते हैं कि वो नौकरी खोजे क्योंकि परिवार पर कर्ज है, और बिपिन को पता चला है कि उन्हें एक लाइलाज बीमारी है।
संजय को सरकार की अनुकम्पा नियुक्ति योजना के बारे में पता चलता है जिसमें परिवार के किसी सदस्य को अपने परिवार के मृत सरकारी कर्मचारी की जगह नौकरी मिल जाती है। निराश संजय अपने पिता के मरने का इंतजार करता है और वो देखता है कि उसका दिमाग कितना विचलित हो चुका है। ये फिल्म परिवार के बारे में है, खासकर पिता और पुत्रों के जटिल संबंधों के बारे में।


