उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। गोगुंदा थाना क्षेत्र के मजावद से उबेश्वर जी मार्ग पर केला बावड़ी के जंगल में हुई प्रेमी युगल की हत्या मामले का सोमवार को पुलिस ने खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कोई और नहीं, गोगुंदा के भादवी गुड़ा गांव के एक मंदिर का पुजारी भालेश (52) पुत्र गणेशलाल जोशी निकला। पुलिस पूछताछ में जब पुजारी ने हत्या के कारण और हत्या के तरीके का खुलासा किया तो पुलिस भी चौंक गयी।
एसपी विकास शर्मा ने बताया कि हत्या के आरोपी मूलतः सागवाड़ा हाल यूनिवर्सिटी रोड उदयपुर निवासी भालेश (52) पुत्र गणेशलाल जोशी को गिरफ्तार किया है। भालेश गोगुंदा के भादवी गुड़ा गांव के एक मंदिर में 7-8 साल से पुजारी था। अनुयायियों को घरेलू समस्याओं के हल के लिए ताबीज बनाने, मणकों की माला बनाकर देता था। जिसके चलते युवक-युवती के परिजन भी पुजारी भालेश के पास आते थे और उसे अच्छी तरह से जानते थे। आरोपी की गिरफ्तारी और मामले के खुलासे में गोगुंदा थाने के कांस्टेबल नंदकिशोर की मुख्य भूमिका रही है।

मंदिर में हुई थी युवक राहुल और युवती सोनू की मुलाकात
मृतक युवती सोनू के परिजन मंदिर जाते रहते थे और पुजारी से सलाह लेते थे। युवती सोनू की शादीशुदा जिंदगी डिस्टर्ब होने और तलाक होने के कारण वह भी मंदिर जाने लगी। इसी मंदिर में मृतक युवक- राहुल और उसके परिजन भी आते-जाते रहते थे। आते-जाते मंदिर में युवक राहुल और युवती सोनू की मुलाकात हुई और यहीं पर इनकी मुलाकातें होने लगीं। यह बात पुजारी को पता थी।
सोनू के साथ प्रेम संबंध होने से राहुल का उसकी पत्नी के साथ झगड़ा होने लगा। राहुल के परिजन पुजारी के पास गए और राहुल की शादीशुदा जिंदगी खराब होने की जानकारी देकर समझाइश करने और ताबीज देने को कहा।
पुजारी ने परिजनों को राहुल और सोनू के प्रेम संबंधों के बारे में बता दिया। घरवालों को पता चलने के नाराज राहुल और सोनू ने पुजारी के पास आकर झगड़ा किया और छेड़छाड़ का आरोप लगाकर उसे बदनाम करने की धमकी दी। तब से उसे डर सताने लगा कि कहीं इन दोनों ने बदला लेने के लिए ऐसा कर दिया तो उसकी गांव में बदनामी हो जाएगी। इस पर पुजारी ने इन दोनों को मारने की योजना बनानी शुरू कर दी।

50 फेवीक्वीक खरीदकर उसके सॉल्यूशन को बोतल में भरा
एडि.एसपी कुंदन कंवरिया ने बताया कि पुलिस पूछताछ में पुजारी ने कबूल किया कि उसे दोनों की हत्या एक साथ करनी थी, ऐसे में उसने बीते 3-4 महीनों में 50 फेवीक्वीक खरीदीं। सभी फेवीक्वीक का सॉल्यूशन एक बड़ी बोतल में भर दिया। 15 नवंबर की शाम राहुल और सोनू को फोन किया और उबेश्वर जी के जंगल में जहां राहुल अक्सर सोनू से मिलता है, वहां बुलाया। राहुल से मिलवाने की बात कहकर पुजारी ने सोनू को भी सुखाड़िया सर्किल बुलाया और खुद की बाइक पर सोनू को घटनास्थल तक लेकर गया।
यहां पुजारी ने घटनास्थल से जाने का बहाना किया, इसके बाद जब सोनू और राहुल के बीच शारीरिक संबंध बने, तभी पुजारी वहां फेवीक्वीक की बोतल लेकर पहुंच गया। पुजारी ने दोनों के उपर फेवीक्वीक का सोल्यूशन डाला, जिससे वे बुरी तरह से चिपक गए। वे दोनों बचने के लिए कुछ कर पाते, तब तक पुजारी ने उन पर पत्थर और चाकू से वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद पूजा का बहाना बनाकर एक भक्त के यहां बूंदी चला गया।

मामले के खुलासे में इस टीम का रहा योगदान
एडि.एसपी कंदन कंवरिया, डीएसपी भूपेन्द्र के नेतृत्व में गोगुंदा थानाधिकारी योगेन्द्र कुमार व्यास, नाई थानाधिकारी श्यामसिंह, बेकरिया थानाधिकारी मुकेश कुमार, उप निरीक्षक देवीलाल, प्रोबेशनर उप निरीक्षक हर्ष राज सिंह, एएसआई नन्दलाल, हेडकांस्टेबल विजेश कुमार, कांस्टेबल नन्दकिशोर गुर्जर, परमार सैनी, नरेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश, गोविन्द सिंह, शिव सिंह, कृष्ण बलदेव, रामस्वरूप, अकिंत सिंह, ओमप्रकाश, प्रदीप कामर, सवाई सिंह, लोकेश कुमार और साईबर सेल टीम की भूमिका रही है।



