गैंगरेप मामले में दोषी पाया गया राहुल 20 साल की सजा काट रहा है
नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों काफी चर्चित रहे राजस्थान हाईकोर्ट के एक फैसले गैंगरेप के दोषी को वंशवृद्धि के लिए दी गयी 15 दिन की पैरोल पर रोक लगा दी है। 16 साल की नाबालिग के साथ गैंगरेप का दोषी राहुल जून 2022 से 20 साल के कारावास की सजा भुगत रहा है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर को गैंगरेप के दोषी राहुल की पत्नी बृजेश देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए वंशवृद्धि के लिए राहुल को 15 दिन पत्नी के साथ रहने की इजाजत दी थी। राजस्थान हाईकोर्ट का यह फैसला काफी चर्चा में रहा था।
दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे दोषी को पैरोल पर रिहा करने के फैसले को राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए 10 नंबवर को अपील दायर की थी। सुप्रीम में जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने दुष्कर्म के दोषी को मिली पैरोल पर रोक लगा दी है।

सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि “राइट टू पैरोल” कोई मौलिक अधिकार नहीं है। राजस्थान के पैरोल रूल्स में रेप या गैंगरेप के मामलों में पैरोल नहीं मिल सकती है और न ही ऐसे दोषियों को ओपन जेल में भेजा जा सकता है।



