भाजपा विधायकों ने जिला परिषद की साधारण सभा का किया बहिष्कार
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरत अनुसार विकास कार्य नहीं होने और डीएमएफटी (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट) के तहत गांवों में काम नहीं होने से नाराज भाजपा विधायकों धर्मनारायण जोशी, बाबूलाल खराड़ी, फूलसिंह मीणा, प्रताप गमेती और अमृतलाल मीणा ने शुक्रवार को जिला परिषद की साधारण सभा का बहिष्कार कर दिया। बाद में ये लोग कलेक्ट्री में कलेक्टर के ऑफिस के बाहर (जहां कलेक्टर ताराचंद मीणा की कार खड़ी रहती हैं) धरने पर बैठ गए। इस धरने में विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया भी शामिल हुए।
जिला प्रमुख ममता कुंवर की अध्यक्षता में और कलेक्टर ताराचंद मीणा की मौजूदगी में हुई जिला
परिषद की साधारण सभा में विधायक धर्मनारायण जोशी और फूलसिंह मीणा ने विकास कार्यों को लेकर कई सवाल उठाए। इनके जवाब न तो जिला प्रमुख के पास थे न कलेक्टर के पास। विरोध दर्ज करवाते हुए भाजपा के विधायक बैठक का बहिष्कार कर सभागार से बाहर निकल गए। काफी देर कलेक्टर तारांचद मीणा ने धरना दे रहे भाजपा विधायकों से वार्ता की और 31 अक्टूबर तक डीएमएफटी की राशि जारी करने का आश्वासन दिया। उसके बाद विधायकों ने धरना खत्म किया।
बैठकों में केला-चिप्स और चाय आ जाती हैं और खा पीकर सब चले जाते हैं

धरना स्थल पर मावली विधायक धर्मनारायण जोशी ने जिला परिषद की बैठकों पर ही सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिला परिषद में बैठकें होती हैं, हर बार चर्चा होती है और सब घर चले जाते हैं। हम भी घर चले जाते हैं। उसके बाद अगली बैठक फिर हो जाती हैं,उसमें केला आ जाता हैं, चिप्स आ जाती हैं,चाय आ जाती हैं और खा पीकर सब चले जाते हैं। आज हमने यह तय किया कि हम लोग जब तक सदन चलेगा, कलेक्टर के ऑफिस के बाहर धरना देंगे। हमारी मांगे माने, डीएमएफटी फंड का पैसा जारी करे।
गांवों मेंं पीने का पानी नहीं, शहर में अफसर एश कर रहे हैं
जोशी ने कहा कि जल जीवन मिशन के काम ठप पड़े हैं। हर बार बैठकों में विषय उठाते, उस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। गांवों में पीने का पानी नहीं हैं। यहां अफसर एश कर रहे हैं,कलेक्टर को दस बार कहने के बावजूद काम चालू नहीं हुए। जोशी ने कहा कि माइंस से जुड़ी पंचायतों में काम को प्राथमिकता देनी चाहिए। जबकि अधिकारी जहां रूची है वहां पैसा स्वीकृत कर रहे हैं। उदयपुर शहर में स्थित गुलाबबाग में एक बावड़ी को साफ करने 70 लाख की स्वीकृति दे दी। 70 लाख में तो चार बावडिय़ा नई खुद जाए। ऐसी स्थिति में हमने मजबूर होकर जिला परिषद की बैठका आज बहिष्कार कर कलेक्ट्री केे अंदर धरने पर बैठना पड़ा।

कांग्रेस का विधायक हैं वहीं पर काम करवा रहे हैं
ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि दो विधानसभा क्षेत्र में डीएमएफटी फंड से काम हो रहा हैं, बाकी विधानसभा क्षेत्रों में इस फंड से कोई काम नहीं हो रहा। यह मुद्दा हमने विधानसभा में भी उठाया। जहां कांग्रेस का विधायक हैं वहां तो काम हो रहे हैं और जहां भाजपा का विधायक हैं वहां कोई काम नहीं हो रहा।
क्या है डीएमएफटी
डीएमएफटी फंड में जो भी पैसा जमा होता हैं उस राशि का उपयोग खनन से प्रभावित क्षेत्र में जनहित के काम करने में खर्च किया जाता हैं। इसके लिए सरकार ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट में विभिन्न प्रावधान कर रखे हैं।



