पिछले दिनों 91 कांग्रेसी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे थे इस्तीफे
जयपुर(एआर लाइव न्यूज)। कांग्रेस के 91 विधायकों एवं गहलोत सरकार के कई मंत्रियों द्वारा पिछले दिनों विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीपी जोशी को इस्तीफा सौंपने के मामले को अब भाजपा ने मुद्दा बनाना शुरू कर दिया हैं।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के नेतृत्व भाजपा विधायकों ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीपी जोशी से जयपुर स्थित उनके निवास पर भेंट कर कांग्रेस विधायकों व गहलोत सरकार के मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने का अनुरोध किया। भाजपा विधायकों ने जोशी को लिखित में ज्ञापन भी दिया।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि कांग्रेस में हुए अंतर्कलह एवं सियासी संकट के चलते 25 सितंबर को विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होकर कांग्रेस के 91 विधायकों ने मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर समानान्तर बैठक कर सरकार समर्थित विधायकों व मंत्रियों ने एक मत होकर स्वविवेक से त्याग पत्र सौंप दिए थे।
कटारिया ने डॉ.जोशी से अनुरोध किया कि दो सप्ताह का समय बीत चुका हैं और उनके पास 91 विधायकों के इस्तीफे पर फैसला करने का मामला विचाराधीन हैं। स्वेच्छा से दिए गए विधायकों के इस्तीफे आप स्वीकार करें या विधायक आपके सामने पेश होकर इस्तीफा वापस ले लें और उनको राज्य की जनता से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, राजेंद्र राठौड़, जोगेश्वर गर्ग सहित कई विधायक शामिल थे।

त्याग पत्र दे दिया, लेकिन मंत्रियों ने सरकारी सुविधाएं नहीं त्यागी
ज्ञापन में यह जिक्र भी किया गया कि विडम्बना इस बात की है कि स्वेच्छा से स्वलिखित व स्वयं उपस्थित होकर विधानसभा के सदस्य के रूप में त्याग पत्र प्रस्तुत कियेए। उसके बावजूद सरकार के मंत्रियों ने न तो मंत्री के रूप में दी गई सुविधाएं (कार, बंगला, स्टाफ व सुरक्षाकर्मी) नहीं लौटायी। मंत्री अभी भी मंत्री की भूमिका के रूप में काम और दौरे कर रहे हैं।



