नई दिल्ली (एआर लाइव न्यूज)। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने हटाए गए तदर्थ शिक्षकों को पुन: लिए जाने की मांग को लेकर 3 अक्टूबर सोमवार को हड़ताल की। जिस कारण दिल्ली विश्वविद्यालय का शैक्षणिक कार्य पूरी तरह ठप्प रहा।
18 से 20 अक्टूबर तक फिर हो सकती है हड़ताल
दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ का कहना है कि नई नियुक्ति पॉलिसी के कारण हजारों शिक्षकों के विस्थापित होने का खतरा है। देशबंधु, रामजस और लक्ष्मीबाई महाविद्यालय तथा वाणिज्य एवं मनोविज्ञान विभाग के तदर्थ शिक्षकों को हटाए जाने पर हड़ताल की गई है। यदि तदर्थ शिक्षकों का विस्थापन नहीं रुका तो 18 से 20 अक्टूबर तक दिल्ली विश्वविद्यालय में फिर हड़ताल की जाएगी।
डूटा अध्यक्ष डॉ अजय कुमार भागी ने बताया कि संघ साक्षात्कार के माध्यम से कॉलेजों में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को निकालने का विरोध करती है। वर्षों से पढ़ा रहे तदर्थ शिक्षकों का विस्थापन डूटा में पारित प्रस्ताव का उल्लंघन है। डूटा समायोजन की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेगा।


