मॉस्को,(एआर लाइव न्यूज)। यूक्रेन और रूस में जंग पिछले 7 महीने से जारी है, इसी बीच 21 सितंबर बुधवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने यूक्रेन के कुछ इलाकों में 3 लाख रिजर्व सैनिक तैनात करने की घोषणा की है। इसी घोषणा के बाद से ही रूस में राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
रूस के करीब 38 शहरों में “नो टु वॉर” के नारे के साथ व्लादिमिर पुतिन के निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। हजारों की संख्या में इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कुछ शहरों में झड़पें भी हुई हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए उन पर लाठी चार्ज किया और बेरहमी से पीटकर उन्हें हिरासत में लिया है। रूस में पुलिस ने 1300 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर किया था हमला
रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमला किया था, तब से दोनों देशों में जंग जारी है। जंग की शुरुआत से ही पुतिन को रूस में ही विरोध झेलना पड़ा है। जंग की शुरूआत के समय भी रूस के विभिन्न शहरों में हजारों लोग सड़कों पर आ गए थे और जंग के खिलाफ प्रदर्शन किए थे।

पुतिन ने सेना के मोबिलाइजेशन को लेकर एक डिक्री पर साइन की
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि पश्चिमी देश परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर ब्लैकमेल कर रहे हैं, ऐसे में रूस भी अपनी पूरी ताकत से जवाब देगा। हम अपने देश की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। पुतिन ने सेना के मोबिलाइजेशन को लेकर एक डिक्री पर साइन किया है।



