उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के समस्त नगरीय क्षेत्रों में शुक्रवार से “इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना” का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि इस योजना के लागू होने से अब नरेगा की तर्ज पर शहरों में भी बेरोजगार श्रमिकों को रोजगार मिल सकेगा।
शहरी रोजगार गारंटी योजना के उदयपुर में शुभारंभ के अवसर पर नगर निगम आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ ने बताया कि योजना के तहत एक वित्तीय वर्ष में 100 दिवस के गारंटी रोजगार का प्रावधान है। 18 से 60 वर्ष की आयु के व्यक्ति पंजीयन करवा कर जुड़ सकते है। कोई भी पात्र व्यक्ति अपने से सम्बंधित नगर निकाय में जॉब कार्ड बनाने के लिए प्रपत्र-1 में ई-मित्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं एवं कार्य की मांग कर सकते हैं।
उदयपुर में योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथि और नागरिक राज्य स्तरीय आयोजन से वीसी के माध्यम से जुड़े। महापौर गोविन्द सिंह टांक और उप महापौर पारस सिंघवी ने राज्य सरकार की इस योजना को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी शहरी रोजगार गारंटी योजना लोकहितकारी योजना है, इसका अधिकतम लाभ लोगों को दिलवाया जाए।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में पूर्व सांसद रघुवीर मीणा, पूर्व उप जिला प्रमुख लक्ष्मीनारायण पंड्या, संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट, कलेक्टर ताराचंद मीणा सहित कई पार्षद एवं श्रमिक महिलाएं मौजूद रहे।

कार्यक्रम में दस महिलाओं को जॉब कार्ड दिए गए
दस महिलाओं को कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से जॉब कार्ड वितरित किये गए। इस योजना में पर्यावरण संरक्षण के कार्य जैसे वृक्षारोपण, उद्यान संरक्षण, स्वच्छता संबंधी कार्य जैसे कचरे को अलग करना, झाड़ी कटिंग, घर-घर कचरा संग्रहण, जल संरक्षण कार्य समाप्ति विरूपण रोकने, अतिक्रमण हटाने, अवैध होर्डिंग हटाने के कार्य, सार्वजनिक दीवारों पर रंगाई-पुताई कार्य किये जा सकेंगे। इसके अलावा योजना में सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा, चार दिवारी, गार्ड आदि सम्बन्धी कार्य भी शामिल किये गए हैं। इससे बड़े पैमाने पर शहरों में बेरोजगारों को संबल मिल सकेगा।



