रोड को 60 फीट चौड़ा करने का रास्ता साफ
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। शहर से सटे बड़गांव में मुख्य सड़क को 60 फीट चौड़ा करने जमीन अवाप्ति के बदले दिए जाने वाली मुआवजा राशि को राज्य सरकार से स्वीकृति मिल गई है। अब यूआईटी जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू कर सकेगी।
सचिव बालमुकुंद असावा ने बताया कि बड़गांव की मुख्य 60 फीट सडक से प्रभावित व्यक्तियों के लिए कुल 3.34 करोड़ की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है। भूस्वामियों को उनकी मुआवजा राशि प्राप्त करने एवं न्यास को कब्जा सुपूर्द करने हेतु नोटिस जारी किये जा रहे है। शेष प्रभावित व्यक्तियों से भी शीघ्र सहमति प्राप्त करने के लिए यूआईटी कार्यवाही कर रही है।
जनहित में बड़गांव पंचायत की बात भी मानी यूआईटी ने
यूआईटी सचिव ने बताया कि बड़गांव पंचायत द्वारा उन प्रभावित व्यक्तियों जिनके पास स्वामित्व संबंधी पूर्ण दस्तावतेज नही थे, लेकिन वर्षो से मौके पर निवास कर रहे हैं, उनका स्वामित्व मानते हुए उन्हें भी नियमानुसार मुआवजा राशि के भुगतान की अनुशंषा की गई। इस आधार पर यूआईटी द्वारा गठित समिति द्वारा जांच कर सहानूभूतिपूर्वक विचार करते हुए इन्हें भी स्थाई निर्माण व भूमि की मुआवजा राशि के भुगतान की अनुशंषा की गई है।

सड़क निर्माण पर खर्च होंगे 4.98 करोड़
सचिव असावा ने बताया कि सड़क का निर्माण करीब 900 मीटर लंबाई व 13.80 मीटर चौड़ाई (2 लेन) में रिजीड पेवमेंट (सीमेंट कंक्रिट) द्वारा किया जायेगा। सड़क के मध्य में 0.6 मीटर का मीडियन रखा गया है,जिसमें स्ट्रीट लाईट लगाई जाएगी। सड़क के दोनों तरफ पक्का आरसीसी का नाला बनाया जायेगा। केेबल डालने या अन्य काम के लिए बार बार सड़क को खोदना नहीं पड़े इसके लिए डक्ट का प्रावधान भी रखा गया है। सड़क के निर्माण के लिए राज्य सरकार से 4.98 करोड़ की राशि की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

धार्मिक व पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण है बड़गांव रोड
बड़गांव रोड पर ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां आए दिन जाम लगना आम समस्या बन चुकी है। असावा ने बताया कि इसी समस्या को देखते हुए जनहित में रोड को 60 फीट चौड़ा किया जा रहा है। यह रोड चारभुजा जी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल से जुड़ी होने के साथ ही हल्दीघाटी, राणकपुर, महाराणा प्रताप की राजतिलक स्थली गोगुंदा के साथ ही माउंट आबू से भी जुड़ी हुई प्रमुख सड़क है। ऐसे में इसका धार्मिक महत्व होने के साथ ही पर्यटन की दृष्टि से भी महत्व है।




