बर्लिन (एआर लाइव न्यूज)। जर्मनी की लुफ्थांसा एयरलाइंस के पायलटों द्वारा शुक्रवार को एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा करने के बाद एयरलाइंस को 800 उड़ानें रद्द करनी पड़ी। जिस कारण करीब 130,000 यात्रियों के प्रभावित होने की संभावना है। जिसके बाद दिल्ली के भी IGI हवाई अड्डे पर यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
पायलट संघ 5.5 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग की
लुफ्थांसा एयरलाइंस ने कहा कि पायलट संघ ने अपने 5,000 से ज्यादा पायलटों के लिए इस साल 5.5 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग की है। हम जल्द से जल्द वापस बातचीत करेंगे। हालांकि हम उनकी मांगों को भी सहन नहीं कर सकते हैं। वहीं पायलटों संघ का आरोप है कि कंपनी द्वारा नए कर्मचारियों को भर्ती नहीं करने के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है।

एयरलाइंस ने वेतन वृद्धि की मांग को किया नामंजूर
एयरलाइंस द्वारा पायलट संघ की वेतन वृद्धि की मांग को मंजूरी नहीं मिलने पर पायलट संघ ने आधी रात से एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की। जिसके बाद लुफ्थांसा के पायलटों ने गुरुवार की मध्यरात्रि से 24 घंटे की हड़ताल शुरू की। जिससे यात्री और कार्गो दोनों सेवाएं प्रभावित होने के साथ फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख हवाईअड्डे प्रभावित हुए।

जुलाई में भी हड़ताल के कारण 1000 उड़ानें हुईं थी रद्द
दरअसल कोरोना महामारी के कारण एयरलाइंस कंपिनयों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। लुफ्थांसा एयरलाइंस भी इसी मुश्किल दौर से गुजर रही है। बता दें कि लुफ्थांसा एयरलाइंस के लाजिस्टिक एवं टिकटिंग कर्मचारियों भी जुलाई में एक दिन की हड़ताल पर गए थे, जिसकी वजह से 1000 उड़ानों को रद्द करना पड़ा था।


