73वां जिला स्तरीय वन महोत्सव समारोह में कलेक्टर ने की घोषणा
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। वन विभाग की ओर से शुक्रवार को आयोजित हुए 73वें जिला स्तरीय वन महोत्सव समारोह में कलेक्टर तारा चंद मीणा ने बताया कि जिले की समृद्ध जैव विविधता को देखते हुए जयपुर के झालाना में लेपर्ड सफारी की तर्ज पर जयसमंद अभयारण्य में भी लेपर्ड सफारी शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जयसमंद अभयारण्य में जल्द ही लेपर्ड सफारी शुरू हो सकेगी।
कलक्टर मीणा ने कहा कि राष्ट्रीय वन नीति अनुसार देश के एक-तिहाई भू.भाग वनों से आच्छादित होने चाहिये, वहीं उदयपुर जिले के भू-भाग का लगभग 30 प्रतिशत भाग वन क्षेत्र है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग, खेलगांव और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पलाश, अमलतास आदि स्थानीय प्रजातियों के पौधों के रोपण पर फोकस किया गया है।
मुख्य अतिथि विधानसभा नेता प्रतिपक्ष व शहर विधायक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि उदयपुर की हरियाली बढ़ाने, वन्यजीव सुरक्षा तथा टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित करने के जो भी प्रस्ताव प्राप्त होंगे वो शत-प्रतिशत स्वीकृत किये जायेंगे तथा इसमें धन की कमी आड़े नहीं आयेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता संभागीय मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह ने की।

28 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया
समारोह में संभागीय वन संरक्षक आरके जैन ने उदयपुर की हरियाली बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस वर्ष 28 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया था, जिस पूरा कर लिया गया है। वन संरक्षक आरके जैन ने कहा कि हर व्यक्ति जीवन काल में कम से कम 8 वृक्षों का उपभोग करता है, तो हर व्यक्ति की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह जीवन में कम से कम 8 पौधे लगाएं, तभी वह पृथ्वी के ऋण को उतार सकेगा।

इस अवसर पर विधायक फूल सिंह मीणा, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रवीन्द्र श्रीमाली, मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह, मुख्य वन संरक्षक आरके खैरवा, उप वन संरक्षक मुकेश सैनी, सुपांग शशि, सेवानिवृत वन अधिकारी सुहैल मजबूर, वीएस राणा, प्रताप सिंह चुण्डावत, सत्यनारायण सिंह, सहायक वन संरक्षक डीके तिवारी, कन्हैयालाल शर्मा, सुशील सैनी सहित स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, पक्षी विशेषज्ञ, स्काउड-गाइड व एनसीसी कैडेट्स मौजूद रहे।



