जयपुर (एआर लाइव न्यूज)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरूवार को 3324 करोड़ रूपए की लागत की 3063 किमी लंबाई की सड़कों, आरओबी तथा पुलों के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए गुणवत्ता नियंत्रण शाखा के अधिकारियों द्वारा सघन निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार उचित मापदण्डों के अनुसार सड़कों का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने विभागीय अधिकारी को ठेकेदारों से किए गए अनुबंध में मौजूद सभी शर्तों की अनुपालना एवं सड़क बनने के बाद आवश्यक रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
क्षतिग्रस्त सड़कों की 20 अक्टूबर तक मरम्मत के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस बार सभी जिलों में अच्छी बरसात हुई है तथा कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हुई है। जिसके कारण सड़कों को व्यापक नुकसान भी हुआ है। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को 20 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाकर सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए। कहा कि सभी जिलों में सड़कों की मरम्मत के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे तथा संसाधनों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

राज्य की सड़के गुजरात से बेहतर स्थिति में
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि गत साढ़े 3 वर्षों में राज्य में 42,384 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों के विकास के लिए 25,395 करोड़ रूपये की लागत से 10,546 विकास कार्यों की स्वीकृतियां जारी की गई हैं। सरकार के प्रयासों के परिणाम स्वरुप ही आज राज्य की सड़कें गुणवत्ता की दृष्टि से पड़ोसी राज्य गुजरात से बेहतर स्थिति में हैं। विभाग द्वारा सड़कों को चिरस्थायी बनाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में ‘कोल्ड मिक्स टेक्नोलोजी’ माध्यम से क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र तथा टिकाऊ मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त हो चुकी सड़कों की उपयोग योग्य सामग्री का इस्तेमाल नई सड़कों में किया जा रहा है। सेल फिल्ड जैसी तकनीक का उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी गुणवत्ता की सीमेंटेड सड़कें बनाई जा रही हैं। साथ ही, अपशिष्ट प्लास्टिक का उपयोग भी सड़क निर्माण में किया जा रहा है।

जनहानि को न्यूनतम करने सड़कों की चौडाईकरण का कार्य किया जा रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को न्यूनतम करने के लिए सड़कों के चौडाईकरण का कार्य किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त सड़कों का सर्वे करवाकर उनकी त्वरित मरम्मत की जा रही है। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ‘इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (आईटीएमएस) जैसी उन्नत तकनीकों का सहारा लिया जाएगा।


