नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। अमेरिका ने चिनूक हेलीकॉप्टर के इंजन में आग लगने की घटनाओं के बढ़ने और इससे उत्पन्न खतरों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल चिनूक को अपने बेड़े से बाहर करने का फैसला लिया है। अमेरिका ने हेलीकॉप्टर के पूरे बेड़े पर उड़ान भरने से रोक लगा दी है, साथ ही चिनूक के इंजन में आग लगने की घटनाओं के संबंध में जानकारी मांगी है।
हालांकि चिनूक हेलीकॉप्टर का बेड़ा भारतीय वायुसेना में अभी भी ऑपरेशनल है। अमेरिका के इस निर्णय के चलते एहतियातन भारत ने भी अमेरिका से उन मुख्य कारणों की जानकारी मांगी है, जिनको ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने चिनूक के पूरे बेड़े पर रोक लगाई है।
अमेरिकी सेना के अधिकारियों के अनुसार चिनूक हेलीकॉप्टर के इंजन में आग लगने की कुछ घटनाएं सामने आई हैं। ईंधन में रिसाव के कारण इंजन में आग लगी। ऐसे में इसके बेड़े पर रोक लगाई गयी है।

भारत वायुसेना के बेड़े में शामिल है चिनूक
भारत ने चिनूक हेलीकॉप्टर अमेरिका से खरीदे हैं और चिनूक हेलीकॉप्टर का निर्माण एयरोस्पेस कंपनी बोइंग ने किया है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में चिनूक शामिल है। यह हैवीलिफ्ट हेलीकॉप्टर है। यह गोला बारूद, हथियार, सैनिकों सहित 10 टन वजन को 20000 फीट की ऊंचाई पर लेकर उड़ सकता है और चिनूक की रफ्तार 280 किमी प्रति घंटे तक होती है।
अब तक अमेरिका में चिनूक हेलीकॉप्टर का उपयोग सेना में नियमित कार्यों और स्पेशल फोर्सेज द्वारा किया जाता था। अमेरिका अब तक कई बड़े और अहम ऑपरेशन में चिनूक का उपयोग कर चुका है।



