जयसमंद के छलकने का बढ़ता जा रहा इंतजार
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। मोरवानिया नदी से आवक बनी रहने से 32 फीट पूर्ण भराव स्तर वाला बड़ी तालाब छलक गया है और इसका सीधा फायदा फतहसागर को होगा। सीधे सीधे यह कह सकते है कि बड़ी तालाब के छलकने से फतहसागर का झरना अब कुछ दिन ज्यादा चलने की उम्मीद बंधी है।
कैचमेंट से अच्छी आवक से पांच साल बाद बड़ी तालाब उस समय छलका है जब मानसून के विदा
होने का समय अभी बाकी है और इसमेंं आवक भी बनी हुई है। अब यदि मानसून के फिर सक्रिय होने से उबेश्वर जी क्षेत्र में तेज बारिश के दौर चलते है तो बड़ी तालाब की चादर भी तेज होना स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति में बड़ी तालाब से फतहसागर में आवक तेज होगी और फतहसागर का झरना और ज्यादा दिन चल सकता है। फतहसागर का जलस्तर अभी 13 फीट 1 इंच पर बना हुआ है और इसके चारों गेट 2-2 इंच खुले होने से लोग झरना देख पा रहे है।
अब फतहसागर से पानी निकासी की मॉनिटरिंग भी ज्यादा करनी होगी। कारण यह कि मदार नहर से आने वाले पानी को तो कम ज्यादा करना जलसंसाधन विभाग के हाथ में है, लेकिनबड़ी तालाब के ओवरफ्लो से आने वाले पानी को कंट्रोल करना किसी के हाथ में नहीं है। ऐसे में फतहसागर का जलस्तर पौने 14 फीट के ऊपर पहुँचने पर नेहरूगार्डन में पानी घुसने की समस्या हो सकती है। बड़ी निवासी फतहलाल गमेती का कहना है कि बड़ी तालाब केे छलकने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
जयसमंद एक मीटर से ज्यादा खाली : तीन दिन में 20 सेंटीमीटर पानी ही बढ़ा
बारिश का क्रम टूटने से जयसमंद में 9 नदियों और 99 नालों से होनेे वाली पानी की आवक अब धीमी पड़ गई है। जयसमंद का जलस्तर 8.38 मीटर के मुकाबले 7.28 मीटर पर पहुंचा है। जयसमंद क्षमता के मुकाबले अब तक 86 फिसदी भर चुक है, लेकिन अब ऊपर फैलाव अधिक होने और पानी की आवक धीमी पडऩे से जलस्तर में बढ़ोतरी भी धीमी हो गई है। इसके जलस्तर में तीन दिन में महज 20 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। ऐसे में जयसमंद के छलकने को लेकर लोगों में इंतजार बढ़ता जा रहा है।

उदयसागर में अभी भी क्षमता से ज्यादा पानी भरा हुआ
उदयसागर के दोनों गेट अभी भी 7-7 फीट खुले हुए है, उसके बावजूद इसमें अभी भी पूर्ण भराव क्षमता के मुकाबले ज्यादा पानी भरा हुआ है। इसका पूर्ण भराव स्तर 24 फीट है उसके मुकाबले सोमवार को भी इसका गेज 24 फीट 1 इंच था। हालांकि आयड़ नदी में बहाव कम होने से उदयसागर का जलस्तर नीचे उतरने लगा है, लेकिन चिंता अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई हैं क्योंकि मानसून का दौर अभी बाकी है। अब यदि सीसारमा और आयड़ नदी उफान पर आती है तो उदयसागर के बैक वाटर से प्रभावित क्षेत्रों में फिर से जल प्लावन की समस्या बन सकती हैै। ऐसे में उदयसागर का गेज 20 फीट के लगभग होने तक इसकी निकासी के लिए गेट खुले रखे जाना उचित रहेगा।



