मंजूरी से ज्यादा कर दिया निर्माण, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विस्फोटक से उड़ाया
पलक झपकते ही जमींनदोज हो गई, लोगों ने दिल खोल कर बजायी तालियां
नोएडा(एआर लाइव न्यूज)। सुप्रीप कोर्ट के आदेश पर रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-93 ए स्थित करीब 100 मीटर ऊंचे सुपरटेक के ट्विन टावर(एपेक्स 32 मंजिला और सियान 29 मंजिला) को विस्फोटक से ध्वस्त कर दिया गया। यह इमारत दिल्ली के कुतुब मीनार से भी ऊंची थी। इसको ध्वस्त करने में मुश्किल से 10 सैकंड का समय भी नहीं लगा और देखते ही देखते हुए यह इमारत जमींनदोज हो गई। पैसे और सरकारी तंत्र से मिलीभगत के दम पर अवैध रूप से बहुमंजिला इमारतें खड़ी करने वालों के लिए यह बहुत बड़ा संदेश कहा जा सकता है।
नियम विपरीत निर्माण करवाने पर सुप्रीप कोर्ट के आदेश इस इमारत को ध्वस्त करने के लिए इसमें 3700 किलोग्राम विस्फोटक रखा गया। रविवार दोपहर 2.30 बजे जैसे ही विस्फोट करने बटन दबाया तो यह अवैध बिल्डिंग पहले धुल के गुब्बार और फिर मलबे में तब्दील होकर रह गई। अफसरों की मिलीभगत से अवैध निर्माण करने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह बड़ी कारवाई संभव हो पायी है। सुपरटेक के ट्विन टावर को उड़ाने के लिए इसकी दिवारों और पिलर में करीब साढ़े नौ हजार छेदकर उनमें विस्फोटक रखा गया। देखें वीडियो…
जिन लोगों ने लंबी लड़ाई लड़ी उनका संघर्ष सफल हुआ
नोएडा विकास प्राधिकरण और बिल्डर की मिलीभगत से नियमों को ताक में रखकर इस बिल्डिंग का निर्माण हुआ था। ट्विन टावर विस्फोटक से ध्वस्त होने से उन लोगों का संघर्ष आज सफल हो गया जिन्होंने नियम वितरीत बनी इस इमारत और इसके बिल्डर के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। पलक झपकते ही यह इमारत जमींनदोज हो गई और दूर से इस नजारें को देखने वाले कई लोग दिल खोल कर तालियां बजाकर इस कार्रवाई का स्वागत करते नजर आए।

करीब 400 लोगों की टीम लगी ध्वस्त की कार्रवाई में
ट्विन टावर को उड़ाने के लिए विस्फोटक रखने और अन्य तैयारियों के लिए तकनीकी इंजीनियर्स के साथ ही अन्य स्टाफ सहित करीब 400 लोगों की टीम लगी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने ही इस ट्विन टावर को गिराने के आदेश दिए थे। इस इमारत को गिराने के लिए हाईकोर्ट ने 2014 में ही आदेश जारी कर दिए थे,लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने से ध्वस्त की कारवाई नहीं हो पायी। विस्फोट से पहले ऐतिहात के तौर पर सायरन बजाकर क्षेत्र के लोगों को अंतिम बार आगाह और कर दिया गया। इसके अलावा इस पूरे ऑपरेशन पर ड्रोन से भी नजरें रखी गई। एक्सप्रेस वे पर भी काफी देर के लिए ट्रैफिक को रोकना पड़ा।



