24 फीट भराव क्षमता, गेज पहुंच चुका है 27 फीट 6 इंच
नदी उफान पर आने से बच्चों और स्टाफ को रात स्कूल में ही गुजारनी पड़ी, आज किए गए रेस्क्यू
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। आयड़ नदी से आवक तेज बनी रहने उदयसागर का गेज पूर्ण भराव स्तर 24 फीट के मुकाबले बुधवार को 27 फीट 6 इंच पर पहुंच गया है। दोनों गेट 8-8 फीट खोलने के बावजूद जलस्तर कम नहीं होने से प्रशासन और जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ी हुई है।
उदयसागर का गेज मंगलवार सुबह आठ 23 फीट 7 इंच था। आयड़ नदी के उफान पर आने से उदयसागर का गेज बढक़र बुधवार सुबह आठ बजे 27 फीट 4 हुआ। स्थिति देख दोनों गेट 8-8 फीट खोलने के बावजूद जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है और गेज 27 फीट 6 इंच पर पहुंच गया है।
क्षमता से ज्यादा पानी भर जाने से उदयसागर केे बैक वाटर से प्रभावित गांवों में जल प्लावन की समस्या बन गई है। इसके चलते देर रात तक कलेेक्टर ताराचंद मीणा, एसपी विकास शर्मा और गिर्वा के कार्यवाहक तहसीलदार सुरेश नाहर क्षेत्र में डटे रहे। लोगों को खुद की चिंता के साथ ही कई जगह बाड़ों में भी पानी भर जाने से पशुओं की चिंता भी सता रही है। उदयसागर का वीडियो देखें…
पानी बढ़ता देख कई लोग रात भर जागते रहे
उदयसागर के बैक वाटर का दायरा बढ़ता देख टीलाखेड़ा,कमलोद, पनवाड़ी, खरबडिय़ा, लकड़वास, मटून, भोईयों की पचोली, कानपुर, खेगरों की भागल व नदीवाला खेड़ा में कई लोग रात भर जगकर पानी पर नजरें गढ़ाए रहे। इन गांवों केे लोगों की आंखों के सामने 2006 का मंजर आ गया तब इसी उदयसागर के बैक वाटर ने इन गांवों के लोगों को काफी नुकसान पहुंचाया था।क्षेत्रवासी पन्नालाल मेघवाल और नजरसिंह देवड़ा, पूर्व वार्ड पंच प्रकाश ओब्रावल ने बताया कि गांवों में आने जाने के रास्तों पर भी पानी भर जाने से लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।

आयड़ नदी पर निर्भर करेगा उदयसागर का गेज
मदार के दोनों तालाबों पर चादर चलने का क्रम बना हुआ है। इधर नांदेश्वर चैनल में 6 फीट और सीसारमा नदी में अभी भी करीब साढ़े सात फीट बहाव बना हुआ है। इस कारण स्वरूपसागर के तीन गेट खुले होने के बावजूद इस पर चादर भी चल रही है। फतहसागर के भी चारों गेट खुले हुए है। यह सब पानी एकत्र होकर आयड़ नदी होते हुए उदयसागर ही पहुंच रहा है। ऐेसे में अब जब तक आयड़ नदी में बहाव कम नहीं होगा तब तक उदयसागर के जलस्तर में कमी आना मुश्किल नजर आ रहा है।

बीती रात अलसीगढ़ में 123 और शहर में 75 मिलीमीटर बारिश
उदयपुर शहर में बीती रात से ही रूक रूक कर हल्की बारिश का दौर बना हुआ है। सुबह आठ बजे तक 24 घंटे में अलसीगढ़ क्षेत्र में सबसे ज्यादा 123 मिलीमीटर यानी करीब पांच इंच बारिश हुई है। इससे देवास प्रथम बांध पर चादर चलने का क्रम बना हुआ है और नांदेश्वर चैनल में भी बहाव कम नहीं हो पाया है। शहर में 75 मिमी, झाड़ोल 72,बडग़ांव 63, मदार 80, कुराबड़ 81और नाई में 52 मिमी बारिश हुई है। राजस्थान में बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा 143 मिलीमीटर बारिश जालौर के भीनमाल में हुई है।

स्कूली बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित निकाला
मदार के दोनों तालाबों पर चादर तेज होने से नदी उफान पर आने से मंगलवार को गोडान कला मदार के सरकारी स्कूल के बच्चें और स्टाफ स्कूल में ही अटक गए। इन सभी को बुधवार को नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चों और स्टाफ को रात को स्कूल में ही रात बितानी पड़ी।

बछार क्षेत्र में पुलिया टूटने से रास्ता कटा
उबेश्वरजी-करनाली मार्ग पर बछार गांव मेंं पुलिया टूटने से रास्ता कट गया। मादड़ी गांव के पास बोरवा वाला पुलिया और हांगुड़ा वाला पुलिया पानी के तेज बहाव से टूट गई। इससे गांवों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। करनाली में तो मैन रोड पर कॉजवे पर कटाव होने से रास्ता कट गया। मादड़ी के पूर्व वार्ड पंच शिवराम ने बताया कि दो दिन पहले हुई तेज बारिश से क्षेत्र में बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर भी नीचे गिर गए। खेतों में पानी भरने से फसलें भी चौपट हो गई है।


