यूआईटी ने 140 नए गांव शामिल करने का लिया प्रस्ताव
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज़)मुख्यमंत्री की बजट घोषणा अनुसार उदयपुर यूआईटी के स्थान पर उदयपुर विकास प्राधिकरण(यूडीए) बनने पर नगरीय क्षेत्र के दायरे में कुल 276 गांव आ सकते हैं। वर्तमान में यूआईटी क्षेत्र में कुल 136 गांव शामिल है।
यूआईटी चेयरमैन ताराचंद मीणा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई ट्रस्ट बैठक में जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर विकास प्राधिकरण के अनुरूप उदयपुर विकास प्राधिकरण के प्रशासनिक ढांचे का प्रस्ताव राज्य सरकार को स्वीकृति के लिये भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में उदयपुर विकास प्राधिकरण हेतु उदयपुर मास्टर प्लान के नगरीय क्षेत्र का विस्तार किये जाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
उदयपुर में विकास प्राधिकरण के लिए उदयपुर के नगरीय क्षेत्र की सीमा में विस्तार हेतु उदयपुर मास्टर प्लान-2031 के नगरीय क्षेत्र के अतिरिक्त उदयपुर की तहसील गिर्वा के 22 राजस्व ग्राम, तहसील बड़गाँव के 32 राजस्व ग्राम, तहसील कुराबड़ के 13, मावली के 24, वल्लभनगर के 27, झाड़ोल के 4, गोगुन्दा के 12 व सराड़ा के 6 राजस्व ग्राम को मिलाकर 8 तहसील के कुल 140 गांवों को सम्मिलित कर प्रस्ताव स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया।

10 से 15 किमी तक विस्तार प्रस्तावित किया
नगरीय क्षेत्र विस्तार को लेकर सरकार की तरफ से हालांकि कोई स्पष्ठ निर्देश नहीं मिले है, लेकिन उदयपुर शहर के विकास के मद्देनजर सभी दिशाओं में 10 से 15 किलोमीटर तक बढाया जाकर नगरीय क्षेत्र तैयार किया गया है। उक्त राजस्व ग्रामों को विकास के दृष्टिगत बढ़ाया जाकर दर्शाया गया है। इसमें शहर के उत्तर और पश्चिम में पहाड़ी क्षेत्र, झीलें, झीलों के कैचमेंट और ईको सेंसेटिव जोन होने से इन दिशाओं में नगरीय क्षेत्र का विस्तार कम प्रस्तावित किया गया है। दक्षिण और पूर्वी दिशा में जमीन समतल होने, हाईवे, एयरपोर्ट और विकास की गुंजाइश ज्यादा होने से इस तरफ के गांवों को ज्यादा शामिल किया गया है।

सीएम गहलोत ने की थी यूडीए बनाने की घोषणा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2022-23 के राज्य बजट में आधारभूत सुनियोजित विकास एवं बेहतर आधारभूत सुविधायें विकसित करने की दृष्टि से उदयपुर एवं कोटा में विकास प्राधिकरण का गठन करने की घोषणा की थी। उसी के तहत नगरीय क्षेत्र विस्तार का यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। अंतिम मुहर राज्य सरकार की लगेगी। उसके बाद ही इस प्रस्ताव को फाइनल माना जायेगा। ट्रस्ट बैठक में यूआईटी सचिव बालमुकुन्द असावा, न्यासी केआर मीणा, विपिन जैन,यूआईटी के ओएसडी कृष्णपाल सिंह,भूमि अवाप्ति अधिकारी सुरेश खटीक,उपनगर नियोजक ऋतु शर्मा,सर्वेश्वर व्यास,एडिशनल चीफ इंजीनियर संजीव शर्मा,एसई अनित माथुर और तकनीकी सलाहकार बीएल कोठारी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।




