आनन फानन में रेत-मिट्टी के कट्टे लेेकर दौड़े
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। नीमच खेड़ा देवाली क्षेत्र में बुधवार सुबह मदार नहर का किनारा धंस गया। यह वहीं मदार नहर है जो फतहसागर को लबालब कर छलकाने में वर्षों से सहयोगी बनी हुई है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इसी मदार नहर की मजबूती की अनदेखी किए जा रहे है।
नीमच खेड़ा पुलिया के पास जिस जगह बुधवार सुबह मदार नहर का किनारा धंसा कुछ दिन पहले यहां से कुछ ही दूरी पर नहर की दीवार का बड़ा हिस्सा भर भरा कर नहर मेंं गिर गया था। बुधवार सुबह नहर का किनारा धंसने की जागरूक क्षेत्रवासियों ने एडीएम प्रशासन ओपी बुनकर और जिम्मेदार विभागों को सूचना दी।
नहर उस समय धंसी जब नहर में पानी का बहाव भी जारी था। आनन फानन में यहां रेत-मिट्टी के कट्टे जमवाएं गए। जिस जगह मदार नहर क्षतिग्रस्त हुई है उस किनारा इतना खोखला हो चुका है कि अब कोई वाहन इस कमजोर हिस्से के पास से होकर भी गुजरा तो बड़ा हादसा हो सकता है।

कई बार अधिकारियों का ध्यान दिलाया गया, कोई ध्यान नहीं दे रहा
क्षेत्रवासी प्रेम ओबरवाल ने बताया कि मनोहरपुरा पुलिया से देवाली पुलिया तक मदार नहर का किनारा कई जगह कमजोर हो चुका है। इस तरफ कई बार अधिकारियों का ध्यान दिलाया गया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा। पिछले दिनों बडग़ांव में हुई जनसुनवाई में एडीएम को भी लिखित में शिकायत देकर कमजोर हो रही मदार नहर की मजबूती की तरफ ध्यान दिलाया था।

भारी वाहनों के दौडने से भी कमजोर हो चुकी है नहर
मदार नहर के रखरखाव की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। मनोहरपुरा पुलिया से देवाली पुलिया तक कई जगह नहर का किनारा खोखला हो चुका है। मदार नहर का किनारा मिट्टी से बना हुआ है और इस पर पिछले लंबे समय से भारी वाहनों की आवाजाही भी हो रही है।
निर्माण सामग्री भरे ट्रोले तक मदार नहर के ऊपर चल रहे है। इन वाहनों के दबाव से मदार नहर काफी कमजोर हो चुकी है। अब भी समय रहते प्रशासन ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो मदार नहर किसी दिन नीचले इलाकों मेंंंं बसी कॉलोनियों मेंं तबाही मचा सकती है।


