कर्नाटक,(एआर लाइव न्यूज)। कर्नाटक के गडग जिले के बालेहोसुर गांव में प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं से नाराज स्थानीय लोगों ने विरोध जताने का एक अनूठा तरीका निकाला। काफी सालों से मांग करने के बावजूद जब बस स्टॉप पर शेल्टर नहीं बना तो ग्रामीणों ने कुछ धनराशि जुटाकर नारियल के पत्तों से अस्थाई बस स्टैंड शेल्टर बनवाई और उसके उद्घाटन के लिए किसी अधिकारी या नेता को आमंत्रित करने के बजाए मुख्य अतिथि एक भैंस को बनाया। ग्रामीणों ने बस स्टैंड शेल्टर का फीता भैंस से खुलवाया।
गडग जिले के बालेहोसुर गांव में यह कार्यक्रम 19 जुलाई को हुआ था, लेकिन जब यह खबर सोशल मीडिया के जरिए वायरल हुई तो विरोध का यह तरीका काफी सुर्खियां बटोर रहा है।

शेल्टर नहीं होने से घंटो धूप, बारिश में खड़े रहकर बस का इंतजार करना पड़ता है
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बस स्टॉप पर 40 साल पहले लोगों के लिए एक शेल्टर बनाया गया था। लेकिन कुछ समय बाद ही यह शेल्टर ढह गया। इसके बाद से ही लोगों को यहां बस का इंतजार करने के लिए चाय-नाश्ते की दुकानों, थड़ियों के पास खड़े होना पड़ता है। बारिश के दौरान तो आस-पास के घरों और ढाबों में शरण लेनी पड़ती है।
इससे स्कूल के छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग, बच्चों सहित प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों को काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। बस स्टॉप के शेल्टर बनाने की जगह है। ग्रामीण सालों से इस जगह पर स्थानीय प्रशासन और एमपी, एमएलए से शेल्टर बनाने की मांग कर रहे हैं। हर जगह ज्ञापन भी दिए, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। किसी का ध्यान ग्रामीणों की इस समस्या पर नहीं गया। इससे तंग आकर पिछले दिनों ग्रामीणों ने कुछ धनराशि जुटाई और नारियल के पत्तों से ही अस्थाई शेल्टर बना दी।

इस शेल्टर के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एक भैंस को बनाया और प्रशासनिक अधिकारियों, नेताओं की अकर्मण्यता के प्रति विरोध दर्ज किया।

