उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। सावन के पहले सोमवार को शहर के महाकाल मंदिर प्रांगण में महाकाल की यात्रा सवारी निकली।
दोपहर 12.15 बजे अभिजित मुहूर्त में महाकालेश्वर मंदिर से मंदिर परिक्रमा पथ पर प्रभु महाकालेश्वर की निकली सवारी। इस अवसर पर भव्य एवं पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। सूर्योदय पूर्व से ही महाकाल मंदिर में जल चढ़ाने शिवभक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह 10 बजे तक सभा मण्डप में स्थापित घट द्वारा जल अर्पण किया एवं शिव स्तुतियां हुई।

प्रन्यास अध्यक्ष तेजसिंह सरूपरिया ने बताया कि यात्रा में बड़ी संख्या में महाकाल भक्त शामिल हुए। पुरूषोत्तम जीनगर, कमल चौहान, श्रावण महोत्सव समिति के संयोजक रमाकान्त अजारिया, महिम दशोरा, ओम सोनी, राधेश्याम दाधीच, शेषमल सोनी, महिपाल शर्मा, यतेन्द्र दाधीच, गोपाल लोहार, शंकर कुमावत ने धार्मिक आयोजन में सेवाएं दी।

विभिन्न नदियों से मंगवाए गए जल से किया अभिषेक
प्रन्यास सचिव चन्द्रशेखर दाधीच ने बताया कि 10.30 बजे वैदिक मंत्रोचार के साथ महाकालेश्वर को सहस्त्रधारा जलाभिषेेेक व पंचामृत तथा विभिन्न पवित्र नदियों से मंगवाए गए जल से अभिषेक कर महाकालेश्वर को भव्य श्रृंगार धराया गया। प्रभु महाकालेश्वर के प्रतिकात्मक स्वरूप को रजत पालकी में विराजमान कर अभिजित वेला में 12.15 बजे सभामण्डप से भव्य शाही लवाजमें के साथ प्रभु महाकालेश्वर के सम्मुख दर्शनार्थ करा सवारी सभा मण्डप से होती हुई मंदिर परिक्रमा पथ पर परिक्रमा कराई गई। इधर शहर के फतेहश्वर महादेव, निलकंठ महादेव, बडग़ांव स्थित पातालेश्वर महादेव गुफा और एकलिंगपुरा होड़ा पर्वत स्थित गुप्तेश्वर महादेव गुफा में भी दिन भी शिव भक्तों का आना जाना लगा रहा।




