उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। तमाम अटकलों के बाद आखिरकार मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के कुलपति अमेरिका सिंह को राज कार्य मे लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में राजभवन से आदेश जारी कर दिए गए हैं।
कुलाधिपति एवं राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र की तरफ से राजभवन जयपुर से जारी आदेश में लिखा गया है कि राज कार्य में लापरवाही बरतने पर राज्य सरकार द्वारा प्रो. अमेरिका सिंह कुलपति मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने एवं उनके विरूद्ध धारा 11क के तहत नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारम्भ करने की अनुशंषा की गई है।
अतः मैं, कलराज मिश्र, राज्यपाल, राजस्थान एवं कुलाधिपति मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर उक्त विश्वविद्यालय के अधिनियम 1962 (यथा संशोधित) की धारा 11क की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार की अनुशंषा पर प्रो.अमेरिका सिंह को मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलपति पद से निलम्बित करता हूँ।

कुलपति पर इसलिये गिरी गाज
चर्चा है कि सीकर के प्रस्तावित गुरुकुल विश्वविद्यालय के भौतिक सत्यापन में हुई गड़बड़ी पर यह कारवाई हुई है। हालांकि निलंबन आदेश में गुरुकुल विश्वविद्यालय का जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन गाज उसी कारण गिरी है। सुविवि के कुलपति अमेरिका सिंह की अध्यक्षता में बनी इस सत्यापन समिति ने रिपोर्ट दी थी वह फर्जी निकली। इस कमेटी में शामिल जिम्मेदारों को भी निलंबित किया गया था।

विधानसभा में हुई थी सरकार की फजीहत
गुरुकुल विश्वविद्यालय को लेकर पिछले विधानसभा सत्र में बिल पेश किया गया। इस पर चर्चा होती उससे पहले ही भाजपा विधायक राजेन्द्र राठौड़ ने गुरुकुल विश्वविद्यालय के भौतिक सत्यापन को बनी रिपोर्ट का फर्जीवाड़ा उजागर कर दिया। गहलोत सरकार की फजीहत हुई तो विधानसभा में इस विश्वविद्यालय से सम्बंधित बिल वापस लेना पड़ा। तभी से अमेरिका सिंह सरकार की आंखों में खटक रहे थे।


