उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर पुलिस की स्पेशल टीम ने आज शनिवार को हुई ग्राम विकास अधिकारी (वी.डी.ओ.) की परीक्षा में नकल गिरोह का खुलासा करते हुए तीन फर्जी (डमी) अभ्यर्थियों को अलग-अलग परीक्षा केन्द्रों से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी में एक तो सरकारी कर्मचारी है। बताया जा रहा है कि अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने के लिए इन आरोपियों को 10-10 लाख रूपए मिलने थे।
पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि जालोर निवासी ओमप्रकाश विश्नोई पुत्र कानाराम, नरेश कुमार पुत्र सुजानाराम और बाड़मेर निवासी श्रवण कुमार पुत्र केसरीमल विश्नोई तीन फर्जी डमी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है। उदयपुर में शनिवार को विभिन्न सेंटर्स पर ग्राम विकास अधिकारी की मुख्य परीक्षा हुई है। इंटेलीजेंस इंर्फोमेशन के आधार पर एडिएसपी चन्द्रशील ठाकुर और एडीएम ओपी बुनकर ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर पड़ताल की।

इन तीन फर्जी अभ्यर्थियों को किया है गिरफ्तार
: सूचना के आधार पर राजस्थान विद्यापीठ एग्जाम सेंटर पर परीक्षा दे रहे जालोर निवासी ओमप्रकाश विश्नोई पुत्र कानाराम को पकड़ा है। ओमप्रकाश जालोर के भीनमाल निवासी जोईताराम देवासी की जगह परीक्षा देने आया था। ओमप्रकाश सरकारी कर्मचारी बताया जा रहा है।
: देबारी स्थित सरकारी सीनियर सैकंडरी स्कूल के परीक्षा सेंटर से बाड़मेर निवासी श्रवण कुमार पुत्र केसरीमल विश्नोई को गिरफ्तार किया है। श्रवण कुमार पुत्र केसरीमल विश्नोई जालोर निवासी श्रवण भादु पुत्र महेश कुमार की जगह परीक्षा दे रहा था।
: तीसरा आरोपी सूरजपोल थाना पुलिस ने महिला मंडल स्कूल परीक्षा केन्द्र से गिरफ्तार किया है। महिला मंडल स्कूल परीक्ष केन्द्र से जालोर निवासी नरेश कुमार पुत्र सुजानाराम को गिरफ्तार किया है। नरेश कुमार आसूराम पुत्र वरधा राम की जगह परीक्षा देने आया था।

गिरोह के अन्य आरोपियों की पड़ताल कर रही पुलिस
पुलिस ने नकल गिरोह के सरगना सहित अन्य आरोपियों की पड़ताल में जुट गयी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार डमी अभ्यर्थियों को परीक्षा देने की एवज में दस-दस लाख रूपए दिए जाने थे। ये रूपए इन्हें किससे मिलने वाले थे और इन तीन के अलावा और किन-किन जिलों में डमी अभ्यर्थी गिरोह ने भेजे थे, सभी पहलुओं की पुलिस जांच कर रही है।




