उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। भगवान जगन्नाथ स्वामी शुक्रवार को नगर भ्रमण पर निकले है। जगन्नाथ स्वामी का रथ दोपहर बाद 3.15 बजे जगदीश चौक से रवाना हुआ। रथ यात्रा देर रात वापस जगदीश चौक पहुँचकर संपन्न होगी।
भक्तों के जयकारों और धार्मिक गीतों की स्वर लहरियों के बीच रजत रथ में सवार भगवान जगन्नाथ स्वामी नगर भ्रमण को निकले तो कदम- कदम पर भक्तों ने पुष्प वर्षा कर प्रभु की यात्रा का स्वागत कर उनको नमन किया। भक्तों के भक्तिमय जोश के चलते पूरा मार्ग आज जगन्नाथ स्वामी की भक्ति में रमा नजर आ रहा है। रथ यात्रा में 15 से 20 हजार लोग शामिल हुए। शाम को बारिश भी होने से ऐसा लगा मानो इंद्र देवता रथ यात्रा और भगवान जगन्नाथ स्वामी पर जल वर्षा करने जमीन पर उतरे हो।

दो साल बाद नगर भ्रमण को निकले है प्रभु
कोरोना काल के चलते उदयपुर में पिछले दो साल में जगन्नाथ रथ यात्रा नहीं निकाली जा सकी। इसके चलते भक्तों को रथ यात्रा का इंतजार था। रथ यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए देर रात जगदीश चौक पहुँचेगी। यहाँ महाआरती के साथ ही जगन्नाथ रथ यात्रा संपन्न होगी।

इस बार तीन गुना ज्यादा पुलिस जवान तैनात
युवा टेलर कन्हैयालाल साहू की हत्या के बाद उपजे तनाव के चलते इस बार की जगन्नाथ रथ यात्रा पर पुलिस की खास नजर है। सीधे तौर पर एडीजी दिनेश एमएन (उदयपुर के पूर्व एसपी) ने रथ यात्रा की कमान सम्भाल रखी है। एमएन ने बताया कि करीब दो हजार पुलिस जवानों को तैनात किया है। जो कि उदयपुर में अब तक निकली रथ यात्रा में लगें जवानों से करीब तीन गुना जवान ज्यादा है। यात्रा पर नजर रखने 8 आईपीएस के साथ ही उन डिप्टी और इंस्पेक्टर को भी लगाया गया है जो कि पिछले वर्षों में निकली जगन्नाथ रथ यात्रा में ड्यूटी दे चुके है।

पर्यटक आये, घबराने जैसी कोई बात नहीं
कन्हैयालाल साहू हत्याकांड के बाद बने माहौल और पर्यटन पर पड़ने वाले असर को लेकर दिनेश एमएन ने कहा है कि कर्फ्यू हटने के बाद पर्यटक आराम से उदयपुर आकर मस्ती से घूमे। उदयपुर में ऐसी कोई अराजकता नहीं है कि पर्यटक उदयपुर आने से घबराए। पर्यटक हमेशा की तरह उदयपुर घूमने आए और शांति से घूमें।
जगन्नाथ धाम सेक्टर 7 से भी निकली यात्रा
हिरण मगरी सेक्टर 7 स्थित जगन्नाथ धाम से भी जगन्नाथ रथ यात्रा निकली। जगन्नाथ धाम से भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा, बलभद्र व सुर्शन की काष्ठ प्रतिमाएं रथ में विराजमान की गई। यहाँ से रथ यात्रा आरंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए देर शाम वापस जगन्नाथ धाम पहुँचकर संपन्न हुई।




