लेकसिटी प्रेस क्लब के मीट द प्रेस कार्यक्रम में बोले मेवाड़
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। पूर्व राजघराने के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का कहना है कि उदयपुर पर्यटन नगरी के रूप में विख्यात है, लेकिन उदयपुर को पर्यटन तक ही सीमित रखने से काम नहीं चलेगा। हमारे यहां शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में भी विकास की बड़ी संभावनाएं है।
लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने शुक्रवार को अशोक नगर मेन रोड स्थित होटल श्रीनंदा में लेकसिटी प्रेस क्लब के मीट दी प्रेस कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि उदयपुर की पहचान पर्यटन के रूप में हुई है। दुनिया में उदयपुर ने अपने आपको साबित किया है, लेकिन उदयपुर को केवल पर्यटन नगरी के तौर पर ही सीमित नहीं रखना चाहिए। किसी एक चीज में महारत हासिल की है, यह बड़ी अच्छी बात है, लेकिन शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में भी विकास के जरिए उदयपुर की पहचान बनाई जा सकती है।
इन विषयों पर भी दिए जवाब
लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने पहाड़ी संरक्षण, हेरिटेज संरक्षण, झील संरक्षण,झील विकास प्राधिकरण, पर्यटन सुविधाओं से जुड़े सवालों पर भी अपनी राय बतायी। इससे पहले लेकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष कपिल श्रीमाली ने लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को क्लब की जानकारी दी।
राजनीति के क्षेत्र में जाने की संभावना :
आपकी सक्रियता को देखते हुए क्या जनता आपको आने वाले समय में सांसद, विधायक या मंत्री के रूप में देख रही है?। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कर्मठता और सक्रियता से कार्य करना वर्षो से चलता आ रहा है। आज की दुनिया जरूर छोटी होती जा रही है। इस वजह से शायद ये चीजे ज्यादा सामने आ जाती है। जहां तक सवाल रहा सांसद का, तो आज की तारीख में कोई भी व्यक्ति जनप्रतिनिधि के लिए सामने आ सकता है। सभी के लिए दरवाजे खुले है। आए दिन चित्तौड़ यात्रा से जुड़े सवाल पर मेवाड़ ने कहां वहां तो वर्षों से जा रहे है, कोई विशेष नहीं है। आजकल आपकी नजरों में ज्यादा आ जाते है, इसलिए लगता कि चित्तौड़ के दौरे ज्यादा हो रहे है।
मेवाड़ी भाषा बोलने में संकोच
मेवाड़ के लोगों द्वारा मेवाड़ी भाषा बोलने में संकोच करने से जुड़े सवाल पर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि इसका दोष किसी एक को नहीं, बल्कि हम सबको जाता है। दूसरों पर अंगुली उठाते रहेंगे तो काम नहीं चलेगा। हमें हमारी भाषा बोलने के संकोच को खत्म करना होगा कि मेवाड़ी बोलुंगा तो लोग क्या कहेेंगे। मेवाड़ ने कहा कि अंग्रेजी भाषा एक अन्तर्राष्ट्रीय भाषा है। अंग्रेजी देश- दूनिया को जोड़ने का काम करती है, वह भाषा आनी चाहिए, लेकिन हमें उस भाषा के साथ-साथ यह भी याद रखना है कि वह भाषा ए फोर एप्पल से शुरू होती है और जेड़ फोर जीरो पर जाकर खत्म हो जाती है। हिन्दी जो है वह अ के अनपढ़ से शुरू होती है और ज्ञ के ज्ञानी पर जाकर खत्म होती है।
मोबाइल और लेपटॉप में सिमट रही जिंदगी
लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने मौजूदा वक्त में मोबाइल, लेपटॉप के रूप में बदलती जिंदगी पर कहा कि मोबाइल और लेपटॉप को चेहरे पर रखकर सोया नहीं जा सकता है, किताब को चेहरे पर रखकर सोया जा सकता है। उस चीज पर हमें वापस आना होगा। मेवाड़ ने कहा कि मैं यह कहता हूं, कि बच्चों के लिए ही नहीं, अब वक्त आ गया है कि पेरेंट्स के लिए स्कूल खोल देना चाहिए।
शहर में बेतरतीब पार्किंग के लिए हम खुद जिम्मेदार
शहर में आने वाले पर्यटकों को ट्रैफिक और पार्किंग से जुड़ी होने वाली समस्या से जुड़े सवाल पर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि इसके लिए हम लोग खुद जिम्मेदार है। हम शहर की कद्र नहीं करेंगे तो दुसरों से क्या उम्मीद करेंगे। मेवाड़ ने सवाल उठाया कि शहर में आड़ी-तिरछी गाड़ियां कौन खड़ी करता है, यह हमें अपने-आपको सोचना चाहिए। उदयपुर के होटल, रेस्टोरेंट में पर्यटकों को खाने-पीने चीजे काफी महंगी मिलने से जुड़े सवाल पर मेवाड़ ने कहा कि इस बारे में सबको सोचना पड़ेगा। कमाई सब करें, लेकिन लूटने की प्रवृति से बाहर आना चाहिए।




