भरतपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान में गुर्जरों के बाद अब माली, कुशवाहा, शाक्य और मौर्य समाज भी 12% आरक्षण की मांग कर सड़कों पर उतर आया है। रविवार से शुरू हुआ आंदोनल सोमवार को भी जारी रहा। सैंकड़ों लोग हाथों में लाठियां लेकर सड़कों पर बैठे हुए हैं। इससे जयपुर-आगरा हाईवे भी जाम हो गया है। अफवाहें नहीं फैलें, इसके चलते संभागीय आयुक्त ने भरतपुर के चार कस्बों में 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद के आदेश जारी कर दिए हैं।
आंदोलन महात्मा ज्योतिवा राव फूले आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले किया जा रहा है। हजारों की संख्या में आसपास के सभी जिलों से लोग पहुंचे हैं।

राज्य सरकार अपने स्तर पर दे सकती है आरक्षण : आरक्षण संघर्ष समिति पदाधिकारी
आरक्षण संघर्ष समिति पदाधिकारी ने बताया कि काची समाज अति पिछड़े में आता है। काची समाज की जनसंख्या 12 प्रतिशत है, इसलिए हम जनसंख्या के आधार पर आरक्षण मांग रहे हैं। संविधान के अनुच्छेद संख्या 16(4) में व्यवस्था है, कि वे जातियां जो अति पिछड़ी हुईं हैं, उन्हें राज्य सरकार अपने स्तर पर आरक्षण दे सकती है। इसका केंद्र से कोई मतलब नहीं है। हम अपनी मांग को लेकर लेकर मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। लेकिन सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

सरकार कर रही वार्ता के प्रयास: मंत्री विश्वेंद्र सिंह
राजस्थान सरकार में मंत्री विश्वेंद्र सिंह को आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने के लिए अधिकृत किया हुआ है। मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि आंदोलनकारी हाईवे खाली कर, हमसे वार्ता करने आएं। बात करने से ही समाधान हो सकता है।




