उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। मानसून के सटीक अनुमान के लिए इंसानों को भले ही कई प्रकार के उपकरणों की जरूरत पड़ती हो, लेकिन जीव-जंतुओं को मौसम का अनुमान बिना उपकरणों के ही हो जाता है। ऐसे ही चीटियों के व्यवहार से भी मानसून का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है, मानो चीटियां बता रही हों कि मानसून जल्द ही आने वाला है।
पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. के.एस.गोपीसुंदर ने बताया कि बारिश के बारे में चींटी की गतिविधियों को देखकर सबसे पहले अंदाजा लगाया जा सकता है। डॉ. गोपीसुंदर बताते हैं कि इन दिनों बड़ी संख्या में चीटियां अपने समूह के साथ अंडे या लार्वा लेकर इधर-उधर जाती दिखाई देती है, इसका मतलब है कि जल्द ही मानसून आने वाला है। चीटियों अपने अंडों या लार्वा को गीली जगह से बचाने इन दिनों इस तरह का व्यवहार कर रही हैं। इससे यह सटीक अनुमान लगाया जा सकता है कि मानसून जल्द ही आने वाला है।
डॉ. गोपीसुंदर ने बताया कि इन दिनों देखा जा रहा है कि चीटियां अपने प्यूपा बनने की कगार पर आ रहे लार्वा को लेकर ऊपरी स्थानों पर जाती दिखाई दे रही हैं जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बारिश जल्द ही आएगी और सामान्य से ज्यादा आएगी।




