राज्यसभा के लिए निर्दलीय के रूप में भरा पर्चा
नई दिल्ली(एआर लाइव न्यूज)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने बुधवार को समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा के लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया।
राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश सहित सपा के कुछ नेता भी सिब्बल के साथ थे। नामांकन दाखिल करने के दौरान सिब्बल ने पार्टी छोडऩे की जानकारी दी। हालांकि वे 16 मई को ही कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके थे। बुधवार को नामांकन के बाद उन्होंने खूद इस बात को सार्वजनिक किया।
खास बात यह है कि सिब्बल ने सीधे तौर पर तो सपा का दामन नहीं थामा है, लेकिन सपा के समर्थन से निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल करने से उनके भविष्य की राजनीति को लेकर कई अटकले शुरू हो गई है।

नामांकन दाखिल करने के बाद यह बोले सिब्बल
सिब्बल ने कहा कि वे कांग्रेस के बारे में कुछ नहीं कहेंगे। उन्होंने इस्तीफा दे दिया है तो कांग्रेस के बारे में कुछ कहना उचित नहीं होगा। सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस का 30-31 साल का साथ छोडऩा इतना आसान नहीं था। सिब्बल ने कहा कि हम विपक्ष का गठबंधन बनाना चाहते हैं। विपक्ष में रहकर मोदी सरकार का विरोध करेंगे। 2024 के चुनाव से पहले मोदी सरकार की कमियों और खामियों को जनता के बीच ले जाएंगे।

कांग्रेस के जी 23 समूह के प्रमुख सदस्य रहे सिब्बल
कांग्रेस के जी 23 समूह के प्रमुख सदस्य के रूप में कपिल सिब्बल ने पिछले दिनों एक साक्षात्कार में कहा था कि गांधी परिवार को कांग्रेस का नेतृत्व छोड़ देना चाहिए। उनका यह भी कहना था कि गांधी परिवार को नेतृत्व छोडक़र किसी अन्य को मौका देना चाहिए। तब सिब्बल के इस बयान से राजनीतिक हलके में हलचल भी मची थी।




