नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राजीव गांधी हत्याकांड में 30 साल से अधिक उम्रकैद की सजा काट चुके एजी पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिए हैं। न्यायपीठ ने कहा, राज्य मंत्रिमंडल ने प्रासंगिक विचारों के आधार पर अपना निर्णय लिया था। अनुच्छेद 142 के तहत दोषी को रिहा करना उचित है।
शीर्ष अदालत ने 9 मार्च को 47 वर्षीय पेरारिवलन को उनकी लंबी कैद और पैरोल पर बाहर रहने के दौरान शिकायत का कोई रिकॉर्ड नहीं होने पर ध्यान देते हुए जमानत दे दी थी।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर द्वारा हत्या कर दी गई थी, जिसकी पहचान धनु के रूप में हुई थी। इस मामले में कोर्ट ने चार दोषियों पेरारिवलन, मुरुगन, संथम और नलिनी की मौत को मौत की सजा सुनाई थी।
18 फरवरी, 2014 को शीर्ष अदालत ने केंद्र द्वारा उनकी दया याचिका पर फैसला करने में 11 साल की देरी के आधार पर, दो अन्य कैदियों संथान और मुरुगन के साथ पेरारिवलन की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया था।




