- नारायण सेवा संस्थान में स्थापित हुईं जर्मनी की मशीने करेंगी कृत्रिम अंग निर्माण
- दिव्यांगजनों को मिलेंगे निशुल्क कृत्रिम अंग
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। सड़क दुर्घटनाओं या अन्य हादसों में हाथ-पांव गवा देने से दिव्यांगता का दंश झेल रहे लोगों को उदयपुर में एक नई उम्मीद मिल सकती है। नारायण सेवा संस्थान ने उदयपुर में देश की प्रथम निःशुल्क आर्टिफिशियल लिम्बस् फेब्रिकेशन यूनिट (कृत्रिम अंग निर्माण कार्यशाला) स्थापित की है। यहां दिव्यांगजन को अब पहले से अधिक सुविधाजनक और अत्याधुनिक कृत्रिम अंग (हाथ-पैर) निःशुल्क उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने आर्टिफिशियल लिम्बस् फेब्रिकेशन यूनिट की जानकारी देते हुए बताया कि रोटरी क्लब इम्यूरी ड्यूड हिल्स यूएसए और रोटरी क्लब उदयपुर-मेवाड़ के सहयोग से इस यूनिट को स्थापित किया गया है। इस यूनिट में ऑटोबोक जर्मनी की मशीनें लगायी गयी हैं। इसमें बनने वाले कृत्रिम अंग अधिक हल्के व सुविधाजनक होंगे। यह यूनिट नारायण सेवा संस्थान के लियो के गुड़ा स्थित परिसर में स्थापित की गयी है। इसका उद्घाटन 15 मई को संस्थान संस्थापक पद्मश्री कैलाश मानव, पैरा ऑलम्पियन दीपा मलिक एवं रोटरी अंतर्राष्ट्रीय पदाधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
संस्थान के प्रोस्थेटिक एवं ऑर्थोटिक यूनिट हेड डॉण् मानस रंजन साहू ने बताया कि इस यूनिट से गरीब दिव्यांगों को देश में ही अत्याधुनिक प्रोस्थेटिक निशुल्क मिल सकेगी, इससे वे जिंदगी में आगे बढ़ सकेंगे। इस यूनिट में प्लास्टर कास्टिंग, प्लास्टर मोडिफिकेशन, थर्मो प्लास्टिक मोल्डींग, प्लास्टिक लेमीनेशन जैसी क्रियाएं उच्च तकनीक से सम्भव हो सकेंगी। मशीन में उच्च गुणवत्ता वाला ऑवन लगा होने से वेक्यूम ड्रेपिंग, ऑर्थोटिक अनुप्रयोग, वेक्यूम असिस्टेड, लेमिनेशन फाइबर जैसी सुविधाओं से कृत्रिम अंग वर्कशॉप के संचालन को दुगुनी गति मिलेगी।



