उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। पक्षी प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है कि बीच शहर में स्थित गुलाबबाग में बर्ड पार्क बनकर तैयार हो गया है। अब जल्द ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथों इसका उद्धाटन की तैयारी हो चुकी है। इधर फतहसागर किनारे रानी रोड को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने राज्य सरकार ने यूआईटी को 12 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी कर दी है।
बर्ड पार्क के प्रभारी एवं उप वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. अजीत ऊंचोई ने बताया कि शहर के गुलाबबाग में राजस्थान का पहला बर्ड पार्क शुभारंभ के लिए तैयार हो चुका है और आगामी दिनों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथों इसका उद्धाटन प्रस्तावित है। बर्ड पार्क गुलाबबाग में 12 पिंजरे बनाए गए है। जिनमें असोर्टेंट पैराकिट, ईमु, ग्रीन मुनिया, लेसर पैसेराइन, ओस्टरीच, बार्न आउल, मकाउ, ककाटू प्रजातियों के पक्षियों को रखा जा रहा है।

5 पिंजरों में पक्षियों की शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया
शुक्रवार शाम तक 5 पिंजरों में पक्षियों की शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष पिंजरों में पक्षियों को सोमवार तक शिफ्ट कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त एक होर्नबिल एन्क्लोजर, 3 गैलीफोर्म एन्क्लोजर, वल्चर एन्क्लोजर, एक्वाटिक बर्ड एन्क्लोजर का कार्य बर्ड पार्क निर्माण के द्वितीय फैज़ में बजट उपलब्ध होने पर पूरा हो सकेगा। पिछले दिनों ही वन विभाग के प्रमुख शासन सचिव शिखर अग्रवाल ने स्थानीय अधिकारियों से बर्ड पार्क की कार्य प्रगति की जानकारी लेकर जल्द से जल्द इसका उद्घाटन करवाने की तैयारी के निर्देश दिए थे।
चार देशों के 28 प्रजातियों के पक्षियों को देख सकेंगे पक्षी प्रेमी और पर्यटक
डॉ. अजीत ऊंचोई ने बताया कि बर्ड पार्क में पर्यटकों को एशियन, ऑस्ट्रेलियन, अफ्रिकन और अमरीकन परिंदों के दीदार हो सकेंगे। इसमें कुल 28 प्रजातियों के पक्षियों को रखा जाएगा। इसमें मकाऊ, काकाटू, सन कोंनुअर, सेनेगल पैरेट, बैरा बैंड पैराकीट, रोक पेब्लर, किम्सन बिग, पिंक कुर्क, सेनेगल फायर फिंच, रेड चिकड़ कार्डन ब्लू, ब्लेक रम्पड वैक्स बिल, कैलिफोर्निया क्वेल, नार्थन बॉब व्हाईट, चाइनीज क्वेल, ग्रीन मुनिया की अटखेलियां पर्यटक करीब से देख सकेंगे। इसी प्रकार रोज रिंग पैराकीट, एलम्जैडिया पेरेट, प्लम हैडेड पैराकीट, मोर, बज्रीघर, लव बर्ड, कोकाटेल, रोज़ी पेलिकन, कॉम्ब डक, ग्रैलेग गूज,अमेरिकन पकिन, सिल्वर फिजेंट व एमू शामिल हैं।

11.49 करोड़ की लागत आयी
11.49 करोड़ की लागत से बने बर्ड पार्क का निर्माण पर्यटन विभाग, वन विभाग, नगर निगम व यूआईटी द्वारा संयुक्त रूप से करवाया गया है। पर्यटन विभाग ने 8 करोड़, नगर निगम ने 1.75 करोड़,यूआईटी ने 1.74 करोड़ रुपये दिए हैं। निर्माण आरएस आरडीसी लिमिटेड द्वारा किया गया है। करीब 5.11 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हुए गुलाबबाग के 3.85 हेक्टेयर में बर्ड पार्क का निर्माण किया गया है। पर्यटन सुविधा के काम भी करवाए गए है। गुलाबबाग में पहले चिडिय़ाघर था जिसके सभी वन्यजीवों को वर्ष 2015 में तैयार किए गए सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में शिफ्ट कर दिया गया था।
मॉडल रोड बनेगी रानी रोड़,राज्य सरकार ने 12 करोड़ की स्वीकृति जारी की

यूआईटी अध्यक्ष एवं कलक्टर ताराचंद मीणा ने बताया कि रानी रोड़ को मॉडल रोड़ के रूप में विकसित करने यूआईटी ने पायलट स्ट्रेच के रूप में इडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स, उदयपुर सब सेंटर के स्थानीय आर्केटेक्स की टीम से डीपीआर तैयार करवाई गयी थी। ताकी उस अनुरूप काम हो सके।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 150 मीटर लंबाई में निखारेंगे रानी रोड को
यूआईटी सचिव बालमुकुंद असावा ने बताया कि आर्किटेक्स की टीम द्वारा 150 मीटर लंबाई में पायलट प्रोजेक्ट के रुप में विस्तृत प्रस्ताव मय ड्राईंग एवं डिजाइन तैयार की गयी है। जिसके अन्तर्गतसीमेन्ट कॉकरिट पेवमेंट, झील के सहारे-सहारे नागरिकों एवं पर्यटकों के पैदल चलने पाथ-वे मय कोबल स्टोन फ्लोरिंग, प्रस्तावित पाथ-वे के सहारे चिन्हित स्थानों पर बैठक व्यवस्था, रानी रोड़ के समीप कुछ स्थानों पर पहाडियों से मिट्टी ढहने के बचाव हेतु हरित रिटेनिंग वॉल, बंशियों पर लाईन प्लास्टर व मौका स्थिति अनुसार पार्किंग प्रस्तावित किये गये हैं।
बालमुकुंद असावा ने बताया कि झील के दूसरी तरफ पहाडिय़ों के सहारे-सहारे प्रकाश व्यवस्था व यूटिलिटी डक्टींग के कार्य प्रस्तावित किये गये हैं। पायलट स्ट्रेच का कार्य यूआईटी स्तर पर ही स्वीकृत किये जाकर कार्य का कार्यादेश जारी किया जाकर मौके पर कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। रानी रोड़ की शेष लम्बाई 4.5 किलोमीटर हेतु 24 मार्च को हुई न्यास की सामान्य बैठक में न्यास की अनुशंषा सहित राशि 12 करोड़ रूपये की सक्षम प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया था। सरकार ने उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब कार्य की तकनीकी स्वीकृति के पश्चात आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।




