जोधपुर(एआर लाइव न्यूज)। जोधपुर के जालोरी गेट सर्किल पर झंडा लगाने को लेकर सोमवार देर रात दो गुटों में हुए विवाद के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मंगलवार को जन्म दिन के सभी कार्यक्रम निरस्त कर कानून व्यवस्था को लेकर आपात बैठक बुलानी पड़ी।
गहलोत के गृह क्षेत्र में ईद के मौकेे पर हुए तनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री मंगलवार को अपने जन्म दिन पर सभी कार्यक्रम निरस्त कर सीधे सीएमओ पहुंचे। आपात बैठक में गहलोत ने आला अधिकारियों से फीड बैक लेकर कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। गहलोत ने आमजन से भी अपील की है कि वे शांति बनाए रखे। जोधपुर हमेशा शांत शहर रहा है कल रात की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। राजस्थान में इस तरह की परंपरा नहीं रही है। कानून व्यवस्था बिगाडऩे वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

गृह राज्यमंत्री की अगुवाई में उच्च स्तरीय दल को तत्काल जोधपुर जाने के निर्देश
उच्च स्तरीय बैठक में गहलोत ने साम्प्रदायिक सद्भाव और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं के लिए जि़म्मेदार असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे किसी धर्म, जाति या वर्ग का हो अपराध में उसकी संलिप्तता पाये जाने पर उसे बख्शा नहीं जाए।
मुख्यमंत्री गहलोत ने गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह यादव, जोधपुर के प्रभारी मंत्री सुभाष गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अभय कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) हवासिंह घुमरिया को हेलिकॉप्टर से तत्काल जोधपुर जाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव ऊषा शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अभय कुमार, डीजी इंटेलीजेंस उमेश मिश्रा, एडीजी क्राइम आरपी मेहरड़ा, एडीजी कानून-व्यवस्था हवासिंह घुमरिया सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

यह वक्त राजनीति करने का नहीं
गहलोत ने कहा कि यह वक्त राजनीति करने का नहीं, समाज में शांति कायम करने का है। सीएम गहलोत ने राजनीति पार्टियों के नेताओं से भी अपील की है कि वे इस समय राजनीति की बजाय समाज हित में सोचकर शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोगी भूमिका निभाए। कोई भी नेता या कार्यकर्ता भी राजनीति के लिए ऐसा कोई बयान जारी नहीं करे जिससे तनाव पैदा हो। गहलोत ने कहा कि जोधपुर में बीती रात जो तनाव पैदा हुआ है उसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।



