1000 करोड़ खर्च होंगे,सागवाड़ा,परतापुर, गढ़ी, छोटी सादड़ी, आमेट और देवगढ़ में भी लगेंगे
स्थानीय निकाय विभाग और आरयूआईडीपी के मार्फत होगा काम
जयपुर(एआर लाइव न्यूज)। स्थानीय निकाय विभाग और आरयूआईडीपी द्वारा प्रदेश के 143 शहरों में 1000 करोड़ व्यय कर फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) लगाये जायेंगे। यह काम मुख्यमंत्री बजट घोषणा वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में शामिल है। सभी एफएसटीपी इसी वित्तीय वर्ष में लगाये जायेंगें।
स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में गुरूवार को हुई बैठक में विभाग के तकनीकी अधिकारियों द्वारा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की आधुनिक तकनीकी जानकारी दी गई। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि एफएसटीपी लगने से प्रदेश के समस्त शहरों में फीकल स्लज ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। एफएसटीपी अत्याधुनिक तकनीक के होंगे और सभी ट्रीटमेंट प्लांट संबंधित शहरों की आगामी 30 वर्ष की आवश्यकता को पूर्ण करेंगे।
शांति धारीवाल ने बताया कि योजना में ट्रीटमेंट प्लांट के 10 वर्षीय रखरखाव का प्रावधान भी किया गया है। प्लांट में विद्युत व्यय को कम करने के लिए सौलर पावर प्लांट लगाये जायेंगे। पूर्व में प्रदेश के 70 शहरों में विभिन्न योजनाओं एवं आरयूआईडीपी के माध्यम से सीवरेज ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है। बैठक में स्वायत्त शासन सचिव डॉ जोगाराम, निदेशक एवं संयुक्त सचिव हृदेश कुमार शर्मा,आरयूआईडीपी के चीफ इंजीनियर अरूण व्यास, परियोजना निदेशक आवासन प्रदीप कुमार गर्ग भी मौजूद थे।

यह होगा फायदा
ट्रीटमेंट प्लांट से उपचारित जल का उपयोग ट्रीटमेंट प्लांट परिसर के उद्यानिकी कार्यो में किया जायेगा। ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले ठोस अपशिष्ठ को पायरोलिसिस पद्धति से उपचारित कर बायोचार का उपयोग खाद के रूप में किया जायेगा। वर्तमान में प्रदेश के कई शहरों में सीवरेज लाइन और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की सुविधा तो है लेकिन सेप्टिक टैंक के मलबे का वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण आम तौर पर घरों,सरकारी व प्राईवेट ऑफिस या व्यवसायिक प्रतिष्ठानों सेप्टिक टैंक को खाली करने के बाद मलबे को या तो सीवरेज लाइनो में बहा दिया जाता है या फिर आबादी क्षेत्र से दूर खुले में ही खाली कर दिया जाता है। इससे पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ ही दूर्गंध से कई बार आमजन को काफी परेशान होना पड़ता है। ऐसे में फीकल ट्रीटमेंट प्लांट लगने से ऐसी समस्याओं का स्थायी समाधान हो सकेगा।

यहां आरयूआईडीपी लगाएगा ट्रीटमेंंट प्लांट
आरयूआईडीपी द्वारा 68 जगह ट्रीटमेंट प्लांट लगवाए जाएंगे इनमें सलूम्बर,भीण्डर, कानोड़, सागवाड़ा,सादडी, रानी, शिवगंज, भीनमाल, सांचौर, पीपाड़ सिटी, बिलारा, सोजत, मेड़ता सिटी, डेगाना, परबतसर, नोहर, संगरिया, रावतसर, अनूपगढ़, केसरीसिंहपुर, श्रीडुंगरपुर, राजगढ़, राजलदेसर, तारानगर, बिदासर, छबड़ा, अंता, रामगंजमण्डी, लाखेरी, इटावा, सुल्तानपुर, केकड़ी, विजयनगर, निवाई, गुलाबपुरा, मांडलगढ़, आसींद, बयाना, रूपवास, राजाखेड़ा, कोटपुतली, चाकसू, किशनगढ़-रेनवाल, खैरथल, थानागाजी, बहरोड़, उदयपुरवाटी, पिलानी,- विद्या विहार, बग्गड, श्रीमोधापुर, लोसल, तिजारा, डीग, कामां, गंगापुर, शाहपुरा-भीलवाड़ा, जोबनेर, जालौर, नीम का थाना, बाड़ी, पीलीबंगा, सूरतगढ़, चौमू, शाहपुरा-जयपुर, बांदीकुई, दौसा और करौली में लगाये जायेंगे।

इन स्थानों पर स्थानीय निकाय विभाग लगाएगा प्लांट
स्थानीय निकाय विभाग 75 जगह एफएसटीपी लगवाएगा। इनमें बैंगू,परतापुर गढ़ी,छोटी सादड़ी, आमेट, देवगढ़, सरवाड़, खेरली, राजगढ़, किशनगढ़बास, मंगरोल, देशनोक, भुसावर, कुम्हेर, नदबई, नगर, वैर, जहाजपुर, कापरेन, केशवरायपाटन, नैनवा, इन्द्रगढ़, कपासन, छापर, पदमपुर, करनपुर, श्रीबिजयनगर, विराटनगर, फलोदी, बिसाऊ, मुकुंदगढ़, सूरजगढ़, कैथून, सांगोद, कुचेरा, मुण्डवा, नावां, बाली, फालना, तख्तगढ़, पिण्डवाड़ा, रींगस, खाटू श्याम जी, देवली, मालपुरा, टोडारायसिंह, , महुवा, पोकरण, अकलेरा, टोडाभीम, नसीराबाद, बानसूर, लक्ष्मणगढ़, रामगढ़, उच्चैन, अटरू, रतननगर, बसेड़ी, गजसिंहपुर, रायसिंहनगर, सादुलशहर, बगरू, बस्सी, पावटा, भवानी मण्डी, पिड़ावा,भोपालगढ,़ सुल्तानपुर, उनियारा, सीकरी, मंडावर, सरमथुरा, लालगढ- जाटन, सपोटरा, बामनवास, जवाल शामिल है। कैथून में 49 करोड़ की लागत से कम गहराई की सीवर लाईन, फीकल स्लज एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण करवाया जायेगा।


