उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर एसीबी स्पेशल यूनिट ने शनिवार को मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (एपीआई) ज्ञानेश्वर जक्ताव और हेडकांस्टेबल प्रशांत पटेल को 4 लाख 97 हजार रूपए रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार किया है। एपीआई और हेडकांस्टेबल ने यह राशि मुंबई क्राइम ब्रांच में दर्ज धोखाधड़ी के प्रकरण में वांटेड दीपक सेठिया से ली थी। इन दोनों ने दीपक सेठिया को हिरासत में लिया था और इसके बाद छोड़ने और मामले में राहत देने की एवज में 10 लाख रूपए की डिमांग की थी।
एसीबी एडीजी दिनेश एमएन के अनुसार ने बताया कि मुखबीर से सूचना मिली थी कि मुंबई क्राइम ब्रांच की पुलिस टीम उदयपुर आयी हुई है। इस पुलिस टीम ने उदयपुर के दीपक सेठिया नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया है और उससे 10 लाख रूपए की डिमांड की है। इस पर एसीबी टीम चेतक सर्किल पहुंची, जैसे ही मुखबीर सूचना के अनुसार गाड़ी वहां से निकली, एसीबी टीम ने उसे रोक लिया। कार में मुंबई क्राइम ब्रांच के एपीआई ज्ञानेश्वर और हेडकांस्टेबल प्रशांत सहित उदयपुर निवासी दीपक सेठिया बैठे थे। सूचना के आधार पर एसीबी टीम ने इनकी तलाशी ली तो इनके पास से 4 लाख 97 हजार रूपए बरामद हुए।
मुंबई पुलिस का आरोपी से एक्सटॉर्शन : एक घंटे में 10 लाख रूपए का इंतजाम करने को कहा

उदयपुर एसीबी एडि.एसपी उमेश ओझा ने बताया कि मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने दीपक सेठिया को हिरासत में ले लिया था। लेकिन न तो नियमानुसार स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी और न ही गिरफ्तारी का मेमो बनाया था। हिरासत में दीपक सेठिया को 1 घंटे में 10 लाख रूपए परिजनों या परिचितों से मंगवाने के लिए कहा। नहीं देने पर गिरफ्तार कर मुंबई लेकर जाने की धमकी दी।
दीपक सेठिया ने परिचितों को फोन किया और रूपए का इंतजाम करने को कहा। इस दौरान मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम कार में दीपक को लेकर शहर में ही घूमती रही। दीपक के परिचित ने उसे 4 लाख 97 हजार रूपए लाकर दिए, जो दीपक ने मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के एपीआई और हेडकांस्टेबल को दिए। यही राशि एसीबी ने इनके कब्जे से बरामद की है।
इस मामले में वांटेड है दीपक सेठिया

एसीबी ने बताया कि मोबाइल हैक कर बैंक अकाउंट से 26 लाख 50 हजार रूपए निकालने संबंधी धोखाधड़ी का प्रकरण मुंबई में दर्ज है। इस केस में मुख्य आरोपी दो विदेशी एलेक्स चार्ल्स और मारिन जे स्मिथ ने धोखाधड़ी कर खाते से निकाली 26 लाख 50 हजार रूपए राशि उदयपुर के मनीष जैन के खाते में ट्रांसफर की थी। मुंबई क्राइम ब्रांच ने मनीष जैन से पूछताछ की तो उसने दीपक सेठिया का नाम लिया था और दीपक की इस धोखाधड़ी में मिलीभगत होना कबूला था। तब से दीपक सेठिया इस केस में वांटेड हैं।



