जीबीएच अमेरिकन हॉस्पीटल के डॉक्टर ने इस तकनीक से किया मरीज का ऑपरेशन
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। अत्याधुनिक यू.बी.ई. (यूनिलेट्रल बायपोर्टल एंडोस्कॉपिक) तकनीक से स्पाइन की गद्दी के बाहर निकलने से नसों पर बन रहे दबाव को हटाया गया। इस तकनीक से रोगी को ऑपरेशन के अगले ही दिन पूरी तरह स्वस्थ करके डिस्चार्ज कर दिया गया।
ग्रुप डायरेक्टर डॉक्टर आनंद झा ने बताया कि बांसवाड़ा निवासी पृथ्वीराज (45) को कमर में असहनीय दर्द की शिकायत थी। वे इसके कारण चल फिर भी नहीं पा रहे थे और उनके पैर सुन्न रहते थे। इस शिकायत को लेकर उन्होंने कई जगह परामर्श भी लिया, लेकिन कोई फर्क नहीं हुआ। इस पर वे जीबीएच अमेरिकन हॉस्पीटल के न्यूरो एवं स्पाइन सर्जन डॉ. नितिन भाकल के पास पहुंचे, जहां उनकी समस्या को देखते हुए स्पाइन की एमआरआई कराई गई। इसमें एल-4 और एल-5 के बीच की गद्दी निकली हुई थी। इससे नस दबी रहने से पैर में सुन्नपन, कमर दर्द की शिकायत हो रही थी।
सर्जरी के दूसरे दिन ही मरीज चलने-फिरने लगा
डॉ. नितिन भाकल ने यू.बी.ई. तकनीक का उपयोग करते हुए ऑपरेशन करना तय किया। इसमें रोगी के आधा-आधा सेमी के दो छेद द्वारा दूरबिन स्पाइन के एल-4 और एल-5 तक पहुंचाया गया और रेडियो फ्रिक्वेंसी की मदद से नस पर दबाव बना रही गद्दी को हटाकर दोनों तरफ की नसों को दबाव मुक्त किया गया।
डॉ. नितिन भाकल ने दावा किया है कि यूबीई तकनीक से ऑपरेषन दक्षिणी राजस्थान में पहली बार किया गया है। इस तकनीक से एंडोस्कॉपी द्वारा स्पाइन के हर तरह के ऑपरेशन संभव है जो वर्तमान में सिर्फ जीबीएच अमेरिकन हॉस्पीटल में ही संभव है। इससे रोगी को ऑपरेशन के लिए ज्यादा चीर फाड़ करने की जरूरत नहीं होती और ना ही मांसपेशियों को कोई नुकसान पहुंचता है। दर्द रहित ऑपरेशन का फायदा है कि इतने बढ़े ऑपरेशन के बाद भी मरीज अगले ही दिन पहले की तरह चलने फिरने लगा और उन्हें बिना दर्द के डिस्चार्ज किया गया।


