- मानसून में जंवाई बांध में आवश्यकतानुरूप जल आवक तक होगा वाटर ट्रेन का संचालन।
- राज्य सरकार प्रतिदिन रेलवे को दे रही 16 लाख रुपये की राशि।
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। पाली शहर में लोगों को सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए राज्य सरकार की विशेष पहल के तहत रविवार को वाटर ट्रेन 50-50 हजार लीटर क्षमता के 40 टैंकरों में 20 लाख लीटर पानी के साथ जोधपुर से रवाना होकर पाली पहुंच गयी है।
वाटर ट्रेन द्वारा प्रतिदिन चार फेरे किए जाएंगे। इस प्रकार जोधपुर से पाली को रोजाना 80 लाख लीटर की जलापूर्ति होगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग(पीएचईडी)द्वारा आगामी मानसून में जंवाई बांध में वांछित मात्रा में जल आवक होने तक जोधपुर से पाली शहर के लिए वाटर ट्रेन का निर्बाध संचालन होगा।
प्रदेश में रोड टैंकर्स से जल परिवहन के लिए 11580 लाख रुपये की स्वीकृति दी

जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देशन में पीएचईडी ने प्रदेश में विशेष चिन्हित गांव, शहर और कस्बों में जनता की पेयजल आवश्यकताओं को देखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। इसी के तहत पाली शहर के लिए विशेष ट्रेन से जल परिवहन शुरू कर दिया गया है। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संचालित पेयजल परियोजनाओं के माध्यम से नियमित आपूर्ति के साथ ही अतिरिक्त आवश्यकता वाले क्षेत्रों में सड़क मार्ग पर टैंकरों के माध्यम से भी जल परिवहन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रदेश में रोड टैंकर्स से जल परिवहन के लिए 11580 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।
रेलवे वाटर ट्रेन के हर फेरे का लेगा 4 लाख 5 हजार 972 रुपये शुल्क

डॉ. जोशी ने बताया कि पाली शहर में वाटर ट्रेन से जल परिवहन के लिए रेलवे द्वारा प्रत्येक फेरे का शुल्क 4 लाख 5 हजार 972 रुपये निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार ने जोधपुर से पाली नगर को पेयजल परिवहन के लिए रेलवे शुल्क सहित राज्य आपदा प्रबन्धन मद से 17.71 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। इसके अलावा जोधपुर से रोहट के मध्य नई पाईप लाईन के लिए भी 28 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई है।



