- सभी सरकारी अस्पतालों में यही व्यवस्था होने की उम्मीद
- मरीज के परिजनों से वसूली के आरोप में दो वॉर्ड बॉय गिरफ्तार
- सीएम गहलोत को मिली शिकायतों के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने ली पूरे स्टाफ की क्लास
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीती रात जयपुर एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचने पर मिली शिकायतों के बाद आज शुक्रवार को चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे गए।
मंत्री एसएमएस के ट्रोमा सेंटर्स पहुंचे, जहां मौजूद सभी स्टाफ और अधिकारयों की बैठक कर मरीजों को बेड पर दवाइयां पहुंचाने के निर्देश दिए। मंत्री के इन निर्देशों के बाद उम्मीद है कि यह व्यवस्था राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में लागू होगी।
डॉक्टर्स ने वार्डों पर डीडीसी सेंटर बनाने का सुझाव दिया

हॉस्पिटल का दौरा करने के बाद मीणा ने प्रमुख शासन सचिव हेल्थ एजुकेशन वैभव गालरिया, एसएमएस हॉस्पिटल के प्रिंसिपल और हॉस्पिटल के अधीक्षण की बैठक ली। मंत्री ने डॉक्टर्स और एचओडी को निर्देश दिए कि जो दवाईयां डॉक्टर्स लिखे, उसे वार्ड के अंदर मरीज के बेड तक पहुंचाने की व्यवस्था करें। वर्तमान में सरकार की ओर से 969 से ज्यादा दवाईयां फ्री उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा जो दवाईयां फ्री स्टॉक में नहीं होती, उसे हॉस्पिटल परिसर के अंदर ही लाइफ लाइन या दूसरे स्टोर से उपलब्ध करवाने के लिए कहा। ताकि दवाईयों की पर्ची लेकर मरीजों के परिजनों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़े। इस दौरान वहां मौजूद डॉक्टर्स और एचओडी ने वार्डों पर डीडीसी सेंटर बनाने, सभी यूनिटों में दवाओं का स्टॉक रखने का सुझाव दिया।
प्लास्टर रूम के दो वार्ड बॉय गिरफ्तार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचने पर कुछ मरीज के परिजनों ने प्लास्टर रूम में तैनात दो वार्ड बॉय पर पैसे वसूलने के आरोप लगाए थे। इस पर आज उन दोनों वार्ड बॉय को सीआरपीसी की धारा 151 के तहत पुलिस ने गिरफ्तार कर पाबंद किया है।
मुख्यमंत्री का घेराव कर बताई थी समस्याएं
गुरुवार देर रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और खुद मंत्री मीणा बिजली कंपनी के एईएन हर्षदापति और करौली की घटना में घायल हुए अमित शर्मा की कुशलक्षेम जानने एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे थे। हॉस्पिटल से जैसे ही मुख्यमंत्री बाहर आए तो उन्होंने वहां मौजूद मरीजों के परिजनों से बात की। तब परिजनों ने सीएम के सामने अस्पताल की अव्यवस्थाओं और परेशानियां की पोल खोल कर रख दी।
लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि यहां वार्ड बॉय समेत दूसरे निचले स्टाफ मरीजों से ट्रॉली खींचने के नाम पर पैसे मांगते है। भर्ती मरीजों को दवाईयां लेने, जांचों के सैंपल देने के लिए रातभर एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में बार-बार चक्कर कटवाए जाते है। ज्यादातर दवाइयां बाहर से खरीदकर लानी पड़ती हैं।



