उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। केन्द्रीय माल एवं सेवा कर आयुक्तालय उदयपुर की एंटीइवेजन शाखा ने राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा (आरटीयू) के खिलाफ 4.26 करोड़ रूपये जीएसटी नहीं चुकाने पर मामला दर्ज किया है। इससे पहले सीजीएसटी ने ऐसी ही कार्यवाही उदयपुर के मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय एमएलएसयू के खिलाफ की थी।
केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड, नई दिल्ली द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि सम्बद्धता शुल्क एवं इससे जुड़े सभी शुल्कों पर जीएसटी देय है।
सेंट्रल जीएसटी आयुक्तालय उदयपुर की एंटीइवेजन शाखा ने आरटीयू के खिलाफ इन्वेस्टिगेशन शुरू किया। जांच में पाया गया कि आरटीयू ने समय-समय पर सम्बद्ध रहे 92-150 तकनीकी एवं प्रबधंकीय महाविद्यालय से सम्बद्धता शुल्क वसूल किया, जबकि उस पर नियमानुसार देय जीएसटी को जमा नहीं करवाया गया।
इसके पश्चात विभाग द्वारा इस बाबत विश्वविद्यालय से संबद्धता शुल्क (एफिलिएशन फीस) वसूली की जानकारी एकत्रित की गई और पाया कि शैक्षिक स़त्र 2017-18 से शैक्षिक सत्र 2021-22 के लिए वसूल किया गया संबद्धता एवं इससे संबंधित शुल्क 23.66 करोड़ रूपये जिस पर देय 4.26 करोड़ रूपये जीएसटी का भुगतान नहीं किया गया। ऐसे में सीजीएसटी ने आरटीयू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।



