उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। सायरा थाने में पुलिस का एक आम नागरिक के साथ ब्रूटेलिटी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने युवक को इतनी बेहरमी से पीटा कि उसका हाथ फ्रेक्चर हो गया और शरीर पर कई गंभीर चोटें आयी। युवक का कसूर सिर्फ इतना ही था कि उसने कांस्टेबल और कांस्टेबल के साथी अध्यापक के लिए शराब लाने से इनकार कर दिया था।
घटनाक्रम 3 अप्रेल को हुआ, लेकिन पुलिस मामले को पहले दिन से ही दबाने में लगी हुई है।जब पीड़ित ने कोर्ट के जरिए थाने में इन पांच कांस्टेबलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई और विप्र सेना ने विरोध प्रदर्शन कर कांस्टेबलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और घटनाक्रम के बारे में मुख्यमंत्री को ट्विटर पर टैग कर जानकारी दी, तब जाकर पुलिस अधिकारी एक्टिव मोड में आए।

उदयपुर एसपी मनोज कुमार ने 10 अप्रेल को आदेश जारी कर सायरा थाने के 5 कांस्टेबल मुकेश कुमार, सुनील कुमार, राहुल कुमार, धनराज गुर्जर और बाबुलाल को निलंबित कर दिया है। आदेश में निलंबन का कारण इन पांचों कांस्टेबल के खिलाफ युवक के साथ मारपीट के आरोप में दर्ज मामले को बताया गया है। थाने के अंदर हुई घटना के लिए एसएचओ की भी जिम्मेदारी होती है। इसके बावजूद इस मामले में अभी तक थानेदार की कोई जिम्मेदारी न तो तय की गयी है और न ही उन पर कोई कार्रवाई की गयी है।
विभागीय जांच में दोषी पाए गए तो होगी कार्रवाई

एसपी मनोज कुमार ने बताया कि कांस्टेबलों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में जांच हो ही रही है, सायरा थाने के एसएचओ सहित पांचों कांस्टेबलों के खिलाफ विभागीय जांच भी की जाएगी। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई भी होगी।
यह हुआ था मामला : एक अध्यापक सहित 5 कांस्टेबलों के खिलाफ दर्ज हुई है एफआईआर

युवक के शरीर की चोटों ने बयां कर दीं पुलिस की क्रूरता की कहानी
ब्राह्मणों का कलवाना, सायरा निवासी निर्मल पुत्र कन्हैयालाल ने एफआईआर दर्ज करवाई है कि वह 3 अप्रेल रात 10 बजे बस स्टैंड के पास खड़ा था, गांव के दो-तीन लोग भी वहीं पर थे। वहां पास में सायरा थाने के कांस्टेबल मुकेश और जेमली स्थित सरकारी स्कूल के अध्यापक इन्द्रपाल सिंह कुड़ी कार में बैठ कर शराब पी रहे थे। कांस्टेबल मुकेश ने युवक निर्मल को कार के पास बुलाया और शराब के ठेके से बीयर की 5 बोतलें लाने को कहा। युवक निर्मल ने शराब लाने से मना कर दिया, तो अध्यापक इन्द्रपाल सिंह और कांस्टेबल मुकेश कार से बाहर आए और युवक के साथ मारपीट की। इस दौरान पास खड़े ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कर दिया। युवक वापस अपने घर लौट आया।
रात करीब 1 बजे पुलिस जीप से नशे में धुत होकर कांस्टेबल मुकेश, साथी कांस्टेबल धनराज, राहुल सहित अन्य के साथ युवक के घर पहुंचे। युवक की पत्नी ने दरवाजा खोला। जैसे ही दरवाजा खुला, पुलिसकर्मी युवक को घसीटते हुए घर से बाहर लाए और जीप में बैठाकर ले गए।
थाने लाकर नशे में धुत कांस्टेबलों ने युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की। युवक को इतना पीटा गया कि उसके नाक-मुंह से खून बहने लगा और उसका हाथ फ्रेक्चर हो गया। सुबह डरा-धमका कर एसडीएम के समक्ष पेश कर सीआरपीसी की धारा 151 और 107 के तहत पांबद करवाकर छोड़ा।
युवक को पुलिसकर्मियों ने धमकाया कि बाहर जाकर किसी से शिकायत की तो झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेज देंगे। घर पहुंचने पर युवक की तबियत बिगड़ी मो परिजन उसे अस्पताल ले गए। वहां उसके शरीर पर आयीं गंभीर चोटों और फ्रेक्चर हुए हाथ ने रात भर उस पर बीती पुलिस की बेरहमी की कहानी बयां कर दी।



