शांतिलाल मेहता से खरीदी गयी जमीन वापस उन्हीं को बेच दी गयी, लेकिन महिला को नहीं मिली उसकी हिस्सेदारी
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। एनआरआई महिला के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोप में सुखेर पुलिस ने भू-व्यवसायी गिरीश मेहता पुत्र अवंतीलाल को गिरफ्तार किया है। गिरीश मेहता के खिलाफ एनआरआई महिला सुमन पत्नी अभय कुमार नलवाया ने तीन दिन पहले 5 अप्रेल को ही बेदला स्थित भूखंड विक्रय से संबंधित धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज करवाई थी। इस मामले में शहर के बड़े भू व्यवसायी शांतिलाल मेहता भी बतौर भूमि खरीददार जुड़े हुए हैं।
हाईप्रोफाइल लोगों के जुड़े होने से पुलिस ने भी फुर्ती दिखाते हुए भूमि संबंधी हुई धोखाधड़ी मामले की एफआईआर दर्ज होने के 3 दिन में ही शुक्रवार को आरोपी गिरीश मेहता को गिरफ्तार कर लिया है।
थानाधिकारी दलपत सिंह ने बताया कि आरोपी गिरीश मेहता से पूछताछ कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है। मामले का सुपरविजन एडिएसपी अशोक कुमार मीणा और डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया कर रहे हैं।
जमीन की 32 प्रतिशत हिस्सेदारी महिला के नाम : यह है पूरा मामला
इस पूरे प्रकरण में सवाल यह भी है कि जिस भूखंड को शांतिलाल मेहता ने 2011 में बेचा था, तीन-चार साल बाद वही भूखंड ज्यादा राशि चुकाकर वापस क्यों खरीद लिया.?
परिवादी महिला सुमन पत्नी अभय कुमार नलवाया ने सुखेर थाने में 5 अप्रेल को गिरीश मेहता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। एफआईआर में महिला ने बताया कि गिरीश मेहता उसके करीबी रिश्तेदार हैं। 2011 में वह पति के साथ विदेश में थीं। तब महिला ने गिरीश मेहता के साथ मिलकर संयुक्त रूप (शामिलात) से 0.1100 हेक्टेयर जमीन शांतिलाल मेहता से खरीदी थी।
जमीन सन शाइन बिल्ड क्रिएशन कंपनी के नाम से खरीदी गयी थी। इसमें महिला ने कुल 45 लाख रूपए दिए थे, जिस पर महिला को सन शाइन बिल्ड क्रिएशन कंपनी में 32 प्रतिशत शेयर की हिस्सेदारी दी गयी थी। 50 प्रतिशत शेयर गिरीश मेहता और 18 प्रतिशत शेयर गिरीश की पत्नी के नाम पर किए गए थे।
3-4 साल के बाद ही यह जमीन गिरीश मेहता ने वापस शांतिलाल मेहता को बेच दी और भूखंड के 1 करोड़ 95 लाख रूपए गिरीश मेहता ने शांतिलाल मेहता से ले लिए। लेकिन गिरीश मेहता ने इस बारे में परिवादी महिला सुमन को कुछ नहीं बताया और जमीन के हिस्सेदार होने के नाते 1 करोड़ 95 लाख रूपए में से महिला के हिस्से की राशि भी नहीं दी, जबकि वे कंपनी के नाम खरीदी गयी जमीन में 32 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखती थीं।
महिला ने एफआईआर में बताया कि गिरीश मेहता ने न तो महिला को हिस्सेदारी के रूपए दिए और न ही सन शाइन बिल्ड क्रिएशन कंपनी खरीददार शांतिलाल मेहता के नाम पर ट्रांसफर की, चूंकि जमीन सन शाइन बिल्ड क्रिएशन कंपनी के नाम पर है, ऐसे में कंपनी के साथ ही जमीन खरीददार को हस्तांतरित होगी।
उम्मीद है कि मामले में उठ रहे सभी सवालों का जवाब पुलिस तलाश पाएगी, ताकि एनआरआई महिला को न्याय मिल सके।




