नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। दशकों से चल रहे आंदोलन के बाद भारत सरकार ने नगालैंड, असम और मणिपुर में सेना को स्पेशल पावर देने वाले कानून आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट 1958 (AFSPA) का दायरा घटा दिया है। इन तीन राज्यों के कुछ क्षेत्रों से इस कानून को हटा लिया गया है।
केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरूवार को ट्विट कर इस बात की जानकारी दी है। अमित शाह ने ट्विट के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इसके लिए धन्यवाद दिया है और नॉर्थ ईस्ट के लोगों को बहुत शुभकामनाएं और बधाई दी है।
उन्होंने ट्विट में लिखा है कि इन तीनों राज्यों में सरकार द्वारा लगातार किए गए प्रयास अफस्पा के इलाकों का दायरा घटाने में मददगार रहे हैं। इन इलाकों में उग्रवाद काफी नियंत्रित है। सुरक्षा और विकास से कानून हटाने में मदद मिली है।
क्या है अफस्पा और सेना को क्या देता है अधिकार
गौरतलब है कि नगालैंड, मणिपुर और असम में लागू AFSPA कानून को हटाने के लिए बीते दशकों से आंदोलन चल रहा है। 45 साल पहले भारतीय संसद ने अफस्पा यानी आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट 1958 को लागू किया था। यह सुरक्षा बलों और सेना को कुछ विशेष अधिकार देता है। डिस्टर्ब क्षेत्रों में इसे लागू किया जाता है।
जहां अफस्पा लागू होता है, वहां चेतावनी के बाद यदि कोई व्यक्ति कानून तोड़ता है या अशांति फैलाता है तो उस पर सुरक्षा बल द्वारा मृत्यु तक बल-प्रयोग किया जा सकता है। सेना के अधिकारी किसी आश्रय स्थल या ढांचे को हथियारबंद हमले के अंदेशे पर भी तबाह कर सकते हैं। या किसी भी असंदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी वारंट गिरफ्तार कर सकते हैं।


